‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’:महिलाओं से अपराध पर भाई वीरेंद्र ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया

‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’:महिलाओं से अपराध पर भाई वीरेंद्र ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया

राजद के मनेर विधायक भाई वीरेंद्र शनिवार को बांका पहुंचे। इस दौरान राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुके देकर उनका जोरदार स्वागत किया। मौके पर राजद जिला अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद ठाकुर उपस्थित रहे। इसके बाद उन्होंने बांका अतिथि गृह में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं, कानून-व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा। मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार के जमुई, बांका के मंदार पर्वत और समस्तीपुर सहित कई स्थानों से महिलाओं और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। ”शराब माफियाओं से मिले हुए हैं प्रशासन के लोग” बिहार में अभी जिस तरह की घटनाएं हो रही है इस तरह की देखने को नहीं मिलती थी। कल भी एक घटना में देखा गया एक लड़की के साथ छेड़छाड़ किया गया। यदि प्रशासन चुस्त दुरुस्त रहती तो आए दिन जो घटनाएं महिलाओं और लड़कियों के साथ हो रही है बलात्कार हो रही है यह सब नहीं होती। हमको ऐसा लगता है, यह सब इसलिए हो रहा है कि प्रशासन के लोग अपराधी से मिले हुए हैं। शराब माफियाओं से मिले हुए हैं और पैसा देकर पोस्टिंग कराते हैं। इसलिए सभी जिलों में पैसा कमाने के लिए आ रहे हैं।सरकार बिहार में महिला शक्ति करण की बात करती है। जाति को आधार बनाकर बयानबाजी नहीं करने की अपील इसलिए मैं सरकार से कहना चाहूंगा कि महिलाओं और लड़कियों की इज्जत लूटी जा रही है और सरकार टुकुर-टुकुर देख रही है।इसलिए अच्छे पदाधिकारीयों को सरकार से जिले में भेजने की मांग की है। इसके बाद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। अपराध करने वाला व्यक्ति अपराधी होता है और किसी भी जाति में अपराधी हो सकते हैं। भाई वीरेंद्र ने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से अपराध के मामलों में जाति को आधार बनाकर बयानबाजी नहीं करने की अपील की। दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में गलत संदेश जाता है और संबंधित समुदाय के लोगों में भी नाराजगी पैदा होती है। पुलिस और प्रशासन को जाति तथा राजनीतिक पहचान से अलग हटकर अपराध और अपराधी के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों से जुड़े मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों में कानून के तहत कार्रवाई हो और न्यायिक प्रक्रिया में दोष सिद्ध होने पर दोषियों को कड़ी सजा मिले। ”कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी करनी चाहिए” विधायक ने हत्या, दुष्कर्म और लूट जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की। भाई वीरेंद्र ने कहा कि जिलों में डीएम, एसपी, डीएसपी और थानाध्यक्षों को कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी करनी चाहिए। घटनाओं की सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रशासनिक स्तर पर अपराधियों से मिलीभगत के कारण कार्रवाई में देरी होती है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल विधायक ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी कर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों का भी उन्होंने उल्लेख किया। साथ ही युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी और आंदोलन करेगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। लोकतंत्र में जनता की आवाज महत्वपूर्ण – विधायक हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के संबंध में निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में अलग तस्वीर दर्ज है। आयोग ने 12 नवंबर 2025 को जारी प्रेस नोट में कहा था कि चुनाव के बाद दस्तावेजों की जांच में किसी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी या कदाचार नहीं पाया गया और किसी पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई। आयोग ने बिहार चुनाव में शून्य पुनर्मतदान की जानकारी दी थी। वर्तमान में ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। राजद के मनेर विधायक भाई वीरेंद्र शनिवार को बांका पहुंचे। इस दौरान राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुके देकर उनका जोरदार स्वागत किया। मौके पर राजद जिला अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद ठाकुर उपस्थित रहे। इसके बाद उन्होंने बांका अतिथि गृह में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं, कानून-व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा। मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार के जमुई, बांका के मंदार पर्वत और समस्तीपुर सहित कई स्थानों से महिलाओं और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। ”शराब माफियाओं से मिले हुए हैं प्रशासन के लोग” बिहार में अभी जिस तरह की घटनाएं हो रही है इस तरह की देखने को नहीं मिलती थी। कल भी एक घटना में देखा गया एक लड़की के साथ छेड़छाड़ किया गया। यदि प्रशासन चुस्त दुरुस्त रहती तो आए दिन जो घटनाएं महिलाओं और लड़कियों के साथ हो रही है बलात्कार हो रही है यह सब नहीं होती। हमको ऐसा लगता है, यह सब इसलिए हो रहा है कि प्रशासन के लोग अपराधी से मिले हुए हैं। शराब माफियाओं से मिले हुए हैं और पैसा देकर पोस्टिंग कराते हैं। इसलिए सभी जिलों में पैसा कमाने के लिए आ रहे हैं।सरकार बिहार में महिला शक्ति करण की बात करती है। जाति को आधार बनाकर बयानबाजी नहीं करने की अपील इसलिए मैं सरकार से कहना चाहूंगा कि महिलाओं और लड़कियों की इज्जत लूटी जा रही है और सरकार टुकुर-टुकुर देख रही है।इसलिए अच्छे पदाधिकारीयों को सरकार से जिले में भेजने की मांग की है। इसके बाद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। अपराध करने वाला व्यक्ति अपराधी होता है और किसी भी जाति में अपराधी हो सकते हैं। भाई वीरेंद्र ने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से अपराध के मामलों में जाति को आधार बनाकर बयानबाजी नहीं करने की अपील की। दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में गलत संदेश जाता है और संबंधित समुदाय के लोगों में भी नाराजगी पैदा होती है। पुलिस और प्रशासन को जाति तथा राजनीतिक पहचान से अलग हटकर अपराध और अपराधी के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों से जुड़े मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों में कानून के तहत कार्रवाई हो और न्यायिक प्रक्रिया में दोष सिद्ध होने पर दोषियों को कड़ी सजा मिले। ”कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी करनी चाहिए” विधायक ने हत्या, दुष्कर्म और लूट जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की। भाई वीरेंद्र ने कहा कि जिलों में डीएम, एसपी, डीएसपी और थानाध्यक्षों को कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी करनी चाहिए। घटनाओं की सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रशासनिक स्तर पर अपराधियों से मिलीभगत के कारण कार्रवाई में देरी होती है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल विधायक ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी कर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों का भी उन्होंने उल्लेख किया। साथ ही युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी और आंदोलन करेगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। लोकतंत्र में जनता की आवाज महत्वपूर्ण – विधायक हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के संबंध में निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में अलग तस्वीर दर्ज है। आयोग ने 12 नवंबर 2025 को जारी प्रेस नोट में कहा था कि चुनाव के बाद दस्तावेजों की जांच में किसी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी या कदाचार नहीं पाया गया और किसी पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई। आयोग ने बिहार चुनाव में शून्य पुनर्मतदान की जानकारी दी थी। वर्तमान में ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।  

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