‘अच्छा हुआ मर गया, परिवार, गांव के लोग परेशान थे’:छोटे भाई की लाश को घर न ले जाकर किया अंतिम संस्कार; ग्रामीण बोले- पीछा छूटा

‘अच्छा हुआ मर गया, परिवार, गांव के लोग परेशान थे’:छोटे भाई की लाश को घर न ले जाकर किया अंतिम संस्कार; ग्रामीण बोले- पीछा छूटा

बेगूसराय में 25 साल के युवक की पीट-पीटकर हत्या के बाद छोटा भाई फरार है। सबसे बड़े भाई ने हत्या के एक दिन बाद यानी बुधवार को कहा कि अच्छा हुआ छोटा भाई मर गया, अब चोरी नहीं करेगा। उसने ये भी कहा कि मेरे मंझले भाई के मरने के बाद अब गांव के लोग भी खुश हैं। दरअसल, मंगलवार को बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित सिकंदरपुर गांव में रहने वाले रामप्रताप राय के मंझले बेटे राहुल कुमार की सबसे छोटे बेटे 22 साल के हिमांशु ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। देर शाम बगीचे में राहुल कुमार की हाथ-पैर बंधा हुआ खून से लहूलुहान शव मिला था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हिमांशु फरार है। बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए सिर्फ बड़ा भाई अस्पताल पहुंचा राहुल की हत्या के बाद न तो उसके घर और न ही गांव में किसी को कोई अफसोस है। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचे राहुल के बड़े भाई 28 साल के नीतीश ने कहा कि जो हुआ ठीक हुआ। पूरा गांव राहुल से परेशान था। नीतीश की आंखों में आंसू भी नहीं थे। वो अपने मंझले भाई की लाश को देखकर राहत की सांस ले रहा था। वहीं, गांव के कुछ लोग भी पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में थे। उन्होंने भी कहा कि ठीक हुआ, इलाके का सबसे बड़ा सिरदर्द खत्म हो गया। आखिर राहुल की हत्या के बाद परिवार और गांव के लोगों ने राहत की सांस क्यों ली? सिकंदरपुर गांव में 18 अगस्त यानी मंगलवार की देर शाम जब राहुल की लाश बगीचे में मिली तो पुलिस ने करीब रात 10 बजे उसकी लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर न तो मृतक का कोई सगा-संबंधी मौजूद था और न ही गांव में रहने वाला उसका कोई पड़ोसी। रात भर राहुल की लाश लावारिसों की तरह पड़ी रही। बुधवार सुबह पुलिस की ओर से बार-बार फोन मिलाए जाने के बाद मृतक का बड़ा भाई नीतीश कुमार तीन अन्य स्थानीय युवकों के साथ रोते-बिलखते नहीं, बल्कि बेहद सामान्य चाल-ढाल में सदर अस्पताल पहुंचा। उसने औपचारिकता निभाते हुए पोस्टमार्टम का पंचनामा और कागजी प्रक्रिया पूरी कराई। कुछ ही देर में दो अन्य लोग पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद बिना किसी रुदन के लाश को घर न ले जाकर सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। बड़े भाई नीतीश कुमार ने कहा कि अब कम से कम मेरी जेब से पैसे चोरी नहीं होंगे, घर का बर्तन और अनाज गायब नहीं होगा। गांव और आसपास के इलाकों से अब हमारे दरवाजे पर रोज-रोज चोरी की कोई शिकायत करने नहीं आएगा। राहुल ने पूरे परिवार को जीते जी नर्क में धकेल दिया था। वो सुधरने वाला नहीं था। नीतीश बोला- राहुल गांजा और शराब का आदी भी था मृतक राहुल कुमार पिछले कई सालों से स्मैक, गांजा और शराब का नशा करता था। वहीं, उसका छोटा भाई आरोपी हिमांशु कुमार भी इलाके में अवैध शराब के धंधे से जुड़ा हुआ है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से राहुल ने हिमांशु के कमरे में अवैध तरीके से रखी शराब की एक बोतल चुरा ली थी। इसकी जानकारी के बाद राहुल और हिमांशु के बीच झगड़ा हुआ था। दिनभर दोनों के बीच विवाद चलता रहा। कुछ देर के लिए दोनों के बीच मारपीट भी हुई। शाम को एक बार फिर से आरोपी छोटे भाई हिमांशु ने घर के अंदर ही राहुल की लाठी-डंडों से बेदर्दी से पिटाई शुरू कर दी। जब राहुल अधमरा होकर जमीन पर गिर पड़ा, तो हिमांशु उसे घसीटते हुए घर से करीब 300 मीटर दूर एक आम के बगीचे (गाछी) में ले गया। बगीचे में आम के पेड़ के नीचे हिमांशु ने अपने भाई राहुल के दोनों हाथ और पैर रस्सी से कसकर बांध दिए। इसके बाद लाठी-डंडे और लोहे की भारी वस्तु से राहुल के सिर, चेहरे, पीठ, सीने और पैरों पर ताबड़तोड़ वार किए गए। चीखने-चिल्लाने की आवाज दबाने के लिए उसकी गर्दन मरोड़कर तोड़ दी, जिससे राहुल की मौत हो गई। गांव के लोगों ने राहुल और हिमांशु की आवाज सुनी तो पुलिस को दी जानकारी मंगलवार देर शाम जब बगीचे के पास से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने राहुल के कराहने और हिमांशु की ओर से गाली-गलौज सुनकर मुफस्सिल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो बगीचे के अंधेरे में झाड़ियों के बीच राहुल का हाथ-पैर बंधा शव पड़ा मिला। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के अनुसार, राहुल के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। सबसे पहले राहुल की गर्दन तोड़ी गई, ताकि वो चीखने या चिल्लाने की स्थिति में न रहे। गर्दन तोड़ने के बाद लाठी-डंडे और किसी भारी चीज से सिर, चेहरे, हाथों, पीठ एवं पैरों पर दर्जनों वार किए गए। शव की हालत बता रही थी कि हत्या से पहले उसे अमानवीय तरीके से बांधकर पीटा गया था। ‘ग्रामीणों ने बताया कि राहुल लोगों के लिए सिरदर्द बन चुका था’ दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर सिकंदरपुर और आसपास के इलाकों में जांच-पड़ताल करने पहुंची, तो ग्रामीणों ने कैमरे पर बात न करने और नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर राहुल के कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों से राहुल किसानों और गांव वालों के लिए आफत बना हुआ था। खेतों में सिंचाई के लिए लगे 20 से अधिक वाटर पंप मोटर चुराकर उसने औने-पौने दामों में बेच दिए थे। गांव और आसपास के क्षेत्रों से साइकिल और बाइक चुराना उसकी आदत बन चुकी थी। पास में हमेशा मास्टर-की रखता था। कुछ दिन पहले उसने पड़ोस के सांख गांव से एक किसान की दुधारू गाय खोलकर चुरा ली और उसे बेचने ले जा रहा था। लेकिन बड़े भाई नीतीश के प्रयास से गाय को पकड़ लिया गया। घर से अनाज, बर्तन, और भाइयों की जेब से नकदी चुराना उसकी रोजमर्रा की नशाखोरी की जरूरत थी। राहुल के इस भयानक आपराधिक आचरण का सबसे बड़ा खामियाजा उसके अपने परिवार को भुगतना पड़ा। करीब 2 साल पहले राहुल की इन्हीं हरकतों, आए दिन घर पर पुलिस-ग्रामीणों की दबिश और सामाजिक बेइज्जती के तनाव के कारण उसकी मां गंभीर रूप से बीमार पड़ी और उनकी मौत हो गई। पिता रामप्रताप राय दिल के मरीज हैं। वे पिछले काफी समय से बिस्तर पर लाचार पड़े हैं। बाइक, ट्यूबवेल चोरी के मामले में राहुल दो बार जेल जा चुका था बाइक और मोटर चोरी के मामले में राहुल दो बार जेल जा चुका था। बाइक चोरी के मामले में वह लगभग 10 महीने जेल में बंद रहा। लेकिन परिवार का कोई भी सदस्य उसे देखने या बेल कराने जेल नहीं गया। परिवार का सोचना था कि शायद जेल की सलाखों के पीछे वह सुधर जाए। लेकिन वह खुद ही किसी तरह बेल करवाकर बाहर आ जाता था और दोबारा अपराध में लिप्त हो जाता था। मृतक के बड़े भाई नीतीश कुमार ने बताया कि मैं प्राइवेट कोचिंग में बच्चों को पढ़ाकर किसी तरह बीमार पिता और परिवार का पेट पालता हूं। मैं सुबह कोचिंग पढ़ाने निकल जाता हूं और रात को 9-10 बजे घर लौटता हूं। राहुल से हमारी तो मुलाकात तक नहीं होती थी। वो देर रात 11, 12 या 1 बजे घर आता था।
छोटे भाई पर हत्या का आरोप, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी एसपी मनीष ने बताया कि 18 अगस्त की देर शाम मुफस्सिल थाना को सिकंदरपुर गांव में दो भाइयों के बीच पैसों के लेन-देन व विवाद में हत्या की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर FSL की टीम को बुलवाया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में छोटे भाई हिमांशु (22) का नाम मुख्य अभियुक्त के रूप में सामने आया है। सदर-वन डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम हिमांशु की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। बेगूसराय में 25 साल के युवक की पीट-पीटकर हत्या के बाद छोटा भाई फरार है। सबसे बड़े भाई ने हत्या के एक दिन बाद यानी बुधवार को कहा कि अच्छा हुआ छोटा भाई मर गया, अब चोरी नहीं करेगा। उसने ये भी कहा कि मेरे मंझले भाई के मरने के बाद अब गांव के लोग भी खुश हैं। दरअसल, मंगलवार को बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित सिकंदरपुर गांव में रहने वाले रामप्रताप राय के मंझले बेटे राहुल कुमार की सबसे छोटे बेटे 22 साल के हिमांशु ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। देर शाम बगीचे में राहुल कुमार की हाथ-पैर बंधा हुआ खून से लहूलुहान शव मिला था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हिमांशु फरार है। बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए सिर्फ बड़ा भाई अस्पताल पहुंचा राहुल की हत्या के बाद न तो उसके घर और न ही गांव में किसी को कोई अफसोस है। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचे राहुल के बड़े भाई 28 साल के नीतीश ने कहा कि जो हुआ ठीक हुआ। पूरा गांव राहुल से परेशान था। नीतीश की आंखों में आंसू भी नहीं थे। वो अपने मंझले भाई की लाश को देखकर राहत की सांस ले रहा था। वहीं, गांव के कुछ लोग भी पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में थे। उन्होंने भी कहा कि ठीक हुआ, इलाके का सबसे बड़ा सिरदर्द खत्म हो गया। आखिर राहुल की हत्या के बाद परिवार और गांव के लोगों ने राहत की सांस क्यों ली? सिकंदरपुर गांव में 18 अगस्त यानी मंगलवार की देर शाम जब राहुल की लाश बगीचे में मिली तो पुलिस ने करीब रात 10 बजे उसकी लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर न तो मृतक का कोई सगा-संबंधी मौजूद था और न ही गांव में रहने वाला उसका कोई पड़ोसी। रात भर राहुल की लाश लावारिसों की तरह पड़ी रही। बुधवार सुबह पुलिस की ओर से बार-बार फोन मिलाए जाने के बाद मृतक का बड़ा भाई नीतीश कुमार तीन अन्य स्थानीय युवकों के साथ रोते-बिलखते नहीं, बल्कि बेहद सामान्य चाल-ढाल में सदर अस्पताल पहुंचा। उसने औपचारिकता निभाते हुए पोस्टमार्टम का पंचनामा और कागजी प्रक्रिया पूरी कराई। कुछ ही देर में दो अन्य लोग पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद बिना किसी रुदन के लाश को घर न ले जाकर सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। बड़े भाई नीतीश कुमार ने कहा कि अब कम से कम मेरी जेब से पैसे चोरी नहीं होंगे, घर का बर्तन और अनाज गायब नहीं होगा। गांव और आसपास के इलाकों से अब हमारे दरवाजे पर रोज-रोज चोरी की कोई शिकायत करने नहीं आएगा। राहुल ने पूरे परिवार को जीते जी नर्क में धकेल दिया था। वो सुधरने वाला नहीं था। नीतीश बोला- राहुल गांजा और शराब का आदी भी था मृतक राहुल कुमार पिछले कई सालों से स्मैक, गांजा और शराब का नशा करता था। वहीं, उसका छोटा भाई आरोपी हिमांशु कुमार भी इलाके में अवैध शराब के धंधे से जुड़ा हुआ है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से राहुल ने हिमांशु के कमरे में अवैध तरीके से रखी शराब की एक बोतल चुरा ली थी। इसकी जानकारी के बाद राहुल और हिमांशु के बीच झगड़ा हुआ था। दिनभर दोनों के बीच विवाद चलता रहा। कुछ देर के लिए दोनों के बीच मारपीट भी हुई। शाम को एक बार फिर से आरोपी छोटे भाई हिमांशु ने घर के अंदर ही राहुल की लाठी-डंडों से बेदर्दी से पिटाई शुरू कर दी। जब राहुल अधमरा होकर जमीन पर गिर पड़ा, तो हिमांशु उसे घसीटते हुए घर से करीब 300 मीटर दूर एक आम के बगीचे (गाछी) में ले गया। बगीचे में आम के पेड़ के नीचे हिमांशु ने अपने भाई राहुल के दोनों हाथ और पैर रस्सी से कसकर बांध दिए। इसके बाद लाठी-डंडे और लोहे की भारी वस्तु से राहुल के सिर, चेहरे, पीठ, सीने और पैरों पर ताबड़तोड़ वार किए गए। चीखने-चिल्लाने की आवाज दबाने के लिए उसकी गर्दन मरोड़कर तोड़ दी, जिससे राहुल की मौत हो गई। गांव के लोगों ने राहुल और हिमांशु की आवाज सुनी तो पुलिस को दी जानकारी मंगलवार देर शाम जब बगीचे के पास से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने राहुल के कराहने और हिमांशु की ओर से गाली-गलौज सुनकर मुफस्सिल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो बगीचे के अंधेरे में झाड़ियों के बीच राहुल का हाथ-पैर बंधा शव पड़ा मिला। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के अनुसार, राहुल के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। सबसे पहले राहुल की गर्दन तोड़ी गई, ताकि वो चीखने या चिल्लाने की स्थिति में न रहे। गर्दन तोड़ने के बाद लाठी-डंडे और किसी भारी चीज से सिर, चेहरे, हाथों, पीठ एवं पैरों पर दर्जनों वार किए गए। शव की हालत बता रही थी कि हत्या से पहले उसे अमानवीय तरीके से बांधकर पीटा गया था। ‘ग्रामीणों ने बताया कि राहुल लोगों के लिए सिरदर्द बन चुका था’ दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर सिकंदरपुर और आसपास के इलाकों में जांच-पड़ताल करने पहुंची, तो ग्रामीणों ने कैमरे पर बात न करने और नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर राहुल के कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों से राहुल किसानों और गांव वालों के लिए आफत बना हुआ था। खेतों में सिंचाई के लिए लगे 20 से अधिक वाटर पंप मोटर चुराकर उसने औने-पौने दामों में बेच दिए थे। गांव और आसपास के क्षेत्रों से साइकिल और बाइक चुराना उसकी आदत बन चुकी थी। पास में हमेशा मास्टर-की रखता था। कुछ दिन पहले उसने पड़ोस के सांख गांव से एक किसान की दुधारू गाय खोलकर चुरा ली और उसे बेचने ले जा रहा था। लेकिन बड़े भाई नीतीश के प्रयास से गाय को पकड़ लिया गया। घर से अनाज, बर्तन, और भाइयों की जेब से नकदी चुराना उसकी रोजमर्रा की नशाखोरी की जरूरत थी। राहुल के इस भयानक आपराधिक आचरण का सबसे बड़ा खामियाजा उसके अपने परिवार को भुगतना पड़ा। करीब 2 साल पहले राहुल की इन्हीं हरकतों, आए दिन घर पर पुलिस-ग्रामीणों की दबिश और सामाजिक बेइज्जती के तनाव के कारण उसकी मां गंभीर रूप से बीमार पड़ी और उनकी मौत हो गई। पिता रामप्रताप राय दिल के मरीज हैं। वे पिछले काफी समय से बिस्तर पर लाचार पड़े हैं। बाइक, ट्यूबवेल चोरी के मामले में राहुल दो बार जेल जा चुका था बाइक और मोटर चोरी के मामले में राहुल दो बार जेल जा चुका था। बाइक चोरी के मामले में वह लगभग 10 महीने जेल में बंद रहा। लेकिन परिवार का कोई भी सदस्य उसे देखने या बेल कराने जेल नहीं गया। परिवार का सोचना था कि शायद जेल की सलाखों के पीछे वह सुधर जाए। लेकिन वह खुद ही किसी तरह बेल करवाकर बाहर आ जाता था और दोबारा अपराध में लिप्त हो जाता था। मृतक के बड़े भाई नीतीश कुमार ने बताया कि मैं प्राइवेट कोचिंग में बच्चों को पढ़ाकर किसी तरह बीमार पिता और परिवार का पेट पालता हूं। मैं सुबह कोचिंग पढ़ाने निकल जाता हूं और रात को 9-10 बजे घर लौटता हूं। राहुल से हमारी तो मुलाकात तक नहीं होती थी। वो देर रात 11, 12 या 1 बजे घर आता था।
छोटे भाई पर हत्या का आरोप, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी एसपी मनीष ने बताया कि 18 अगस्त की देर शाम मुफस्सिल थाना को सिकंदरपुर गांव में दो भाइयों के बीच पैसों के लेन-देन व विवाद में हत्या की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर FSL की टीम को बुलवाया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में छोटे भाई हिमांशु (22) का नाम मुख्य अभियुक्त के रूप में सामने आया है। सदर-वन डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम हिमांशु की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।  

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