अंबाला सिटी के सुषमा स्वराज बस स्टैंड के बाहर इन दिनों जलभराव की समस्या से दुकानदार और राहगीर परेशान हैं। स्थिति यह है कि बारिश हुए करीब 4-5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़क पर अब भी पानी जमा है। कुछ हिस्सों में सड़क पूरी तरह तालाब जैसी नजर आ रही है। बस स्टैंड में आने-जाने वाली गाड़ियों के गुजरने पर पानी की छींटें दुकानों तक पहुंच रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक पहुंच नहीं पा रहे। कई दुकानदारों के मुताबिक, दिनभर दुकान खोलने के बाद भी बोहनी नहीं हो रही। उनका आरोप है कि समस्या केवल बारिश के पानी की नहीं है, बल्कि बस स्टैंड और आसपास की जलनिकासी व्यवस्था में ब्लॉकेज तथा सड़क के लेवल में बदलाव के कारण पानी जमा हो रहा है। दुकानदार बोले- कई बार बोहनी तक नहीं होती कपड़े की दुकान चलाने वाले पेंका भाटिया ने बताया कि उनकी दुकान के सामने पिछले 15-20 दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि पानी भरा होने के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंचते और कई बार सुबह से शाम तक बोहनी भी नहीं होती। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर संबंधित जेई और ठेकेदार से भी बात की गई, लेकिन उन्हें सिर्फ समस्या ठीक करने का आश्वासन मिला। उनके मुताबिक, समस्या जस की तस बनी हुई है और कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं दुकानदार भोला चंद शर्मा ने बताया कि पिछले 3-4 दिनों से उनकी दुकान की तरफ पानी ज्यादा जमा है। दुकान में नया सामान आने के बावजूद ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं। 4-5 महीने से समस्या का दावा, सड़क का लेवल नीचा होने का आरोप दुकानदार रोहित ने समस्या के और पुरानी होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि करीब 4-5 महीने से यहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि बस स्टैंड के कारण दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है और पानी जमा रहने से ग्राहक मार्केट में आने से बचते हैं। रोहित ने आरोप लगाया कि बस स्टैंड के अंदर जलनिकासी में ब्लॉकेज है। उनके मुताबिक, पानी निकालने के लिए वाहन आते हैं और पानी हटाया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर पानी आ जाता है। दुकानदार नरेश कुमार ने सड़क के लेवल को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि दूसरी तरफ सड़क को ऊंचा कर दिया गया और इस तरफ का लेवल नीचा रह गया। इसके कारण पानी इस तरफ जमा हो जाता है। हलवाई की दुकान पर भी असर, बोहनी तक मुश्किल हलवाई की दुकान चलाने वाली मंजू बाला ने बताया कि जलभराव के कारण ग्राहक खाने-पीने के लिए दुकान तक नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा कि कई बार पानी इतना बढ़ जाता है कि बोहनी तक नहीं हो पाती। मंजू बाला के मुताबिक, अधिकारियों से शिकायत करने के बाद सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन सड़क का लेवल नीचा होने से समस्या और बढ़ गई। उनका आरोप है कि बस स्टैंड की तरफ से पानी छोड़े जाने पर आसपास की दुकानों के सामने फिर जलभराव हो जाता है। बस स्टैंड के एंट्री पॉइंट पर पानी, राहगीरों के लिए रास्ता तलाशना मुश्किल ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बस स्टैंड के एंट्री पॉइंट और आसपास की सड़क पर भी काफी पानी जमा मिला। कई जगह लोगों को पानी से बचकर निकलने के लिए रास्ता तलाशना पड़ रहा था। सड़क से बसों, कारों और अन्य वाहनों के गुजरने पर पानी दुकानों की ओर उछलता दिखाई दिया। राहगीरों और दुकानदारों के मुताबिक, तेज रफ्तार से वाहन गुजरने पर पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच जाता है। इससे दुकानों में रखे सामान के खराब होने का भी डर बना रहता है। ऑटो चालक विजेश सिंह ने बताया कि वह खुद चलते-फिरते रहते हैं, इसलिए शिकायत नहीं कर सकते, लेकिन दुकानदारों को इस समस्या को लेकर शिकायत करनी चाहिए। प्रशासन की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, लेकिन मौजूदा स्थिति में उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि पानी निकासी का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण बारिश के बाद कई दिनों तक सड़क पर पानी जमा रहता है। फिलहाल दुकानदारों की मांग है कि बस स्टैंड और आसपास की जलनिकासी व्यवस्था की जांच कर पानी की निकासी का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि दुकानदारों का कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। ‘अंदर काम चलने से पानी सड़क पर छोड़ना पड़ा’ जब दैनिक भास्कर की टीम सुषमा स्वराज बस स्टैंड के अंदर पहुंची और वहां के अधिकारियों से जलभराव को लेकर बात की, तो उनका कहना था कि बस स्टैंड के अंदर फिलहाल काम चल रहा है। इसी वजह से अंदर जमा पानी को सड़क की तरफ छोड़ना पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक यह पानी स्थायी रूप से यहां जमा नहीं रहेगा और एक-दो दिन में पानी सूख जाएगा

