उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ‘बाबूजी ने भारत के सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। योगी ने कहा कि कल्याण सिंह के प्रति श्रद्धावनत होना, हर सनातन धर्मावलंबी का दायित्व है। यहां आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि आंदोलन में कल्याण सिंह की भूमिका का स्मरण करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के नेतृत्व पर दिवंगत भाजपा नेता का अपमान करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह के जीवन को ‘हिंदू गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाना चाहिए। योगी ने कहा, बड़े लोग अपने पदों की वजह से महान नहीं बनते, वे अपने विचारों और कार्यों से महान बनते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘बाबूजी (कल्याण सिंह जी) दबाव में आकर काम करने वाले नहीं थे।
योगी ने कहा, ‘‘वे कहते थे कि कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता” और उन्होंने जीवन भर अपने इस वचन को निभाया।’’
योगी ने कहा कि कल्याण सिंह ने आरएसएस के मार्गदर्शन और संतों के समर्थन में विहिप के नेतृत्व वाले आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था। योगी ने बताया कि कल्याण सिंह ने अपनी सरकार की कुर्बानी दे दी, लेकिन कहा कि राम भक्तों पर गोली नहीं चलाई जाएगी। समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि “ये गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोग हैं… पी की परिपहले पिछड़ा बताया, फिर पंडित कर दिया।
किसी दिन पी की परिपाकिस्तान भी कर देंगे…।’’
कल्याण सिंह के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे एक साधारण किसान परिवार से आए थे और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक, किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। योगी ने कहा कि जब लोग आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर और विराजमान रामलला को देखते हैं, तो कल्याण सिंह की यादें ताजा हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपना कार्यक्रम छोड़कर दिल्ली से लखनऊ पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। योगी ने कहा कि वह खुद और मंत्रिमंडल के सभी सदस्य लखनऊ से अलीगढ़ और फिर अतरौली तक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। योगी ने कहा, यह हमारे लिए दुखद था क्योंकि एक बुनियादी शिष्टाचार होता है।
मायावती जी खुद पहुंचीं और बाबू जी को श्रद्धांजलि दी, लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रमुख श्रद्धांजलि देने खुद नहीं पहुंचे। इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। यह जाति के आधार पर किया गया अपमान था और हर उस हिंदू का अपमान था जो मानता है कि ‘बाबूजी’ का जीवन सनातन मूल्यों और हिंदू गौरव के लिए समर्पित था।
आदित्यनाथ ने कहा, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ‘डबल-इंजन’ सरकार बाबूजी के मूल्यों और आदर्शों का पालन करेगी और उनके सपनों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाएगी। जहां भी ज़रूरत होगी, हम बिना किसी हिचकिचाहट के हर संभव कदम उठाएंगे।

