पूर्णिया के परोरा स्थित बिहार के पहले इथेनॉल फैक्ट्री में मजदूर की चावल की बोरियो के नीचे दबने से मौत हो गई। आरोप है कि मजदूर से बिना सेफ्टी किट के प्लांट में काम कराया जा रहा था। हादसे के फौरन बाद मजदूर को इलाज के लिए GMCH पूर्णिया में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के क्रम में मजदूर की मौत हो गई। मृतक मजदूर की पहचान सरसी थाना क्षेत्र के चंपावती हरिटोल गांव निवासी खोखो मुनि के बेटे बुधो मुनि (26) के रूप में हुई है। मजदूर की मौत के बाद से अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी है। फरवे के जरिए चावल नीचे खींच रहा था साथी मजदूर पंकज कुमार ने बताया कि बुधो प्लांट में लगे सेलो से फरवे के जरिए चावल नीचे खींच रहा था। इसी दौरान चावल मजदूर के ऊपर गिर गया। इससे मजदूर चावल के नीचे दब गया। करीब 15 मिनट बाद जब साथी मजदूर वहां पहुंचा। चावल के नीचे से हल्की आवाज सुनाई दी। चावल के नीचे दबे होने के संदेह पर साथी मजदूरों ने बुधो को आपसी मदद से किसी तरह चावल के नीचे से निकाला। मजदूर की नाजुक हालत को देखते हुए आनन-फानन में उसे साथी मजदूरों और प्लांट के अधिकारियों के सहयोग से GMCH पूर्णिया में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। हादसे के फौरन बाद प्लांट के अधिकारियों और स्टाफ की ओर से कॉल कर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। सूचना पाकर परिजन अस्पताल पहुंचे, इसके कुछ ही देर बाद मजदूर की जान चली गई। मजदूर की मौत के बाद से पत्नी सिरोमुनि कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी ने बताया कि बुधो 7 महीने से फैक्ट्री में काम कर रहे थे। साथी मजदूरों ने बताया कि हादसे के वक्त उन्हें सेफ्टी किट तक नहीं दिया गया था। अगर कीट उन्हें उपलब्ध कराया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। 7 साल पहले ही मजदूर की शादी हुई थी। बुधो चार भाई में मंझले थे। अधिकारी बोले- मुआवजा मिलेगा प्लांट के अधिकारियों ने कहा कि मजदूर को समुचित मुआवजा दिया जाएगा, पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही के.नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए GMCH पूर्णिया भेज दिया है। पूर्णिया के परोरा स्थित बिहार के पहले इथेनॉल फैक्ट्री में मजदूर की चावल की बोरियो के नीचे दबने से मौत हो गई। आरोप है कि मजदूर से बिना सेफ्टी किट के प्लांट में काम कराया जा रहा था। हादसे के फौरन बाद मजदूर को इलाज के लिए GMCH पूर्णिया में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के क्रम में मजदूर की मौत हो गई। मृतक मजदूर की पहचान सरसी थाना क्षेत्र के चंपावती हरिटोल गांव निवासी खोखो मुनि के बेटे बुधो मुनि (26) के रूप में हुई है। मजदूर की मौत के बाद से अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी है। फरवे के जरिए चावल नीचे खींच रहा था साथी मजदूर पंकज कुमार ने बताया कि बुधो प्लांट में लगे सेलो से फरवे के जरिए चावल नीचे खींच रहा था। इसी दौरान चावल मजदूर के ऊपर गिर गया। इससे मजदूर चावल के नीचे दब गया। करीब 15 मिनट बाद जब साथी मजदूर वहां पहुंचा। चावल के नीचे से हल्की आवाज सुनाई दी। चावल के नीचे दबे होने के संदेह पर साथी मजदूरों ने बुधो को आपसी मदद से किसी तरह चावल के नीचे से निकाला। मजदूर की नाजुक हालत को देखते हुए आनन-फानन में उसे साथी मजदूरों और प्लांट के अधिकारियों के सहयोग से GMCH पूर्णिया में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। हादसे के फौरन बाद प्लांट के अधिकारियों और स्टाफ की ओर से कॉल कर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। सूचना पाकर परिजन अस्पताल पहुंचे, इसके कुछ ही देर बाद मजदूर की जान चली गई। मजदूर की मौत के बाद से पत्नी सिरोमुनि कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी ने बताया कि बुधो 7 महीने से फैक्ट्री में काम कर रहे थे। साथी मजदूरों ने बताया कि हादसे के वक्त उन्हें सेफ्टी किट तक नहीं दिया गया था। अगर कीट उन्हें उपलब्ध कराया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। 7 साल पहले ही मजदूर की शादी हुई थी। बुधो चार भाई में मंझले थे। अधिकारी बोले- मुआवजा मिलेगा प्लांट के अधिकारियों ने कहा कि मजदूर को समुचित मुआवजा दिया जाएगा, पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही के.नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए GMCH पूर्णिया भेज दिया है।


