Work From Home: उत्तर प्रदेश में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम लागू, अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे कार्यालय

Work From Home: उत्तर प्रदेश में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम लागू, अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे कार्यालय

Work From Home Implementation: उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग ने रविवार को अहम बैठक की। इस बैठक में श्रम विभाग ने हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (Two Days Work From Home) की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही श्रम विभाग ने अन्य कई बड़े फैसले किए हैं।

दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू, अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे कार्यालय

श्रम विभाग की बैठक में फैसला लिया गया कि उत्तर प्रदेश में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाए। इसके साथ ही अलग-अलग शिफ्ट में दफ्तर खोलने का फैसला भी लिया गया है। हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का फैसला प्रदेश के बड़े संस्थानों में लागू होगा। यह फैसला औद्योगिक इकाइयों में भी लागू किया जाएगा।

श्रम विभाग ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत, अलग-अलग शिफ्ट में ऑफिस खोलने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। UP के श्रम विभाग की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया के संकट के कारण पेट्रोल-डीजल का संकट भी बढ़ने लगा है।

CM ने रखा था 2 दिन वर्क फ्रॉम होम का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) के बाद 13 मई को पहली कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) की थी। इस बैठक में CM योगी ने उत्तर प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) लागू करने, ईंधन बचाने (Fuel Conservation) और सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन (Public Transportation) के साधनों का उपयोग करने के साथ ही कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए।

CM योगी ने इस बैठक में 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर जोर दिया गया था। योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) की हाइब्रिड कार्य व्यवस्था का प्रस्ताव रखा था।

ईंधन की बचत के लिए CM योगी ने दिए निर्देश

पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट बैठक में CM योगी ने ईंधन बचत अभियान के तहत कई निर्देश हैं। इनमें सरकारी वाहनों के बेड़े में 50 प्रतिशत की कमी, मंत्रियों और नौकरशाहों द्वारा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग, वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा, कारपूलिंग, साइकिलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन शामिल है।

CM प्रस्ताव रखा कि कैबिनेट मंत्री सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इसके अलावा CM ने वाहन फ्लीट में 50 प्रतिशत तक कटौती, अगले 6 माह तक विदेश यात्राओं से परहेज तथा शासन में डिजिटल और हाइब्रिड कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

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