आगरा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रिकवरी इंस्पेक्टर ने गुरुवार की शाम 6 बजे ऑफिस की सातवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। इंस्पेक्टर की पहचान 48 साल के सुरेश चंद्र मौर्य के रूप में हुई। मौत की सूचना पर पत्नी और बेटा मौके पर पहुंचे। पति का शव देखकर पत्नी अलका बेसुध हो गई। शव के पास रोते-रोते उन्होंने अपनी चूड़ियां तोड़ दी। मगर, बेटा सूरज गुस्से से भर गया। पति के शव के पास वो गुस्से में अपशब्द बोलने लगा। वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला। शाम 5 बजे ऑफिस बंद हो चुका था। कर्मचारी भी जा चुके थे। इसके बाद सुरेश मौर्य स्कूटर से आए। उन्होंने गाड़ी पार्किंग में खड़ी की, फिर ऑफिस के अंदर चले गए। उस वक्त गेट पर गार्ड लोकेंद्र मौजूद था। 15 मिनट बाद बिल्डिंग से किसी के गिरने की आवाज आई। गार्ड दौड़कर पहुंचा तो उसे फर्श पर सुरेश पड़े मिले। उनकी मौत हो चुकी थी। गार्ड लोकेंद्र ने बताया, हर दिन सुरेश मौर्य अपनी वैगनआर कार से आते थे। मगर, आज शाम 5.45 बजे वह अपनी एक्टिवा से आए थे। करीब 15 मिनट बाद सुरेश मौर्य खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। 28 साल से आगरा में थी तैनाती
इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र मौर्य, पत्नी अलका और दो बच्चों के साथ शास्त्रीपुरम में रहते थे। बेटी दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रही है। बेटा सूरज बीटेक कर रहा है। पुलिस की सूचना पर पत्नी अल्का और बेटा सूरज मौके पर पहुंचे। अल्का का रो-रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर सुरेश 28 साल से आगरा में तैनात थे। उन्हें पहली पोस्टिंग यहीं मिली थी। आगरा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का ऑफिस थाना हरिपर्वत स्थित संजय प्लेस में है। सुरेश की मौत की खबर पाकर साथी कर्मचारी भी पहुंचे। उनका कहना है कि सुरेश मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। पुलिस ने बेटे से की पूछताछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुसाइड की सूचना पर करीब 7 बजे पत्नी अलका बेटे सूरज के साथ इनकम टैक्स आफिस पहुंची। पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गई। शव से लिपटकर रोने लगीं। रोते-रोते उन्होंने अपनी चूड़ियां तक तोड़ दीं। वहीं, इसके उलट बेटा सूरज गुस्से में था। वो पिता के शव के पास अपशब्द बोल रहा था। लोगों ने उसे समझाया। पुलिस को सूरज ने बताया कि पिता ने कभी मां को सम्मान नहीं दिया। उनका व्यवहार ठीक नहीं था। इसको लेकर उनमें गुस्सा था।
2022 में भी किया था सुसाइड अटेम्प्ट
2022 में सुसाइड अटेम्प्ट किया था। उस टाइम उन्होंने जहर खाया था। तब उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। साथी कर्मचारियों ने बताया- सुरेश चंद्र किसी से ऑफिस में बात नहीं करते थे। वह बिल्कुल अकेला रहना पसंद करते थे। उनकी कोई परिवारिक समस्या थी। आज ऑफिस में 2:00 बजे तक ही काम हुआ था। विरोध प्रदर्शन के चलते 2 बजे के बाद काम ठप कर दिया गया था। इसके बाद ऑफिस में कोई नहीं था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- सुरेश चंद मौर्या पहले स्टेनो थे। प्रमोशन के बाद आयकर निरीक्षक बन गए थे। वह गुरुवार को ड्यूटी पर भी नहीं आए थे। शाम को 5:30 बजे परिजन से कहा था कि काम से ऑफिस जा रहा हूं। आशंका है कि उन्होंने सातवीं मंजिल से कूदकर जान दी है। इसके पीछे पारिवारिक कलह बताई गई है। वह तनाव में रहते थे। उनका डॉक्टर यूसी गर्ग से उपचार भी चल रहा था।


