Frequent Urination Reasons: अक्सर जब हमें बार-बार पेशाब आता है, तो हम सोचते हैं कि शायद पानी ज़्यादा पी लिया होगा या फिर शुगर बढ़ गई होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सीधा कनेक्शन आपकी किडनी से भी हो सकता है? यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि जब हमारी किडनी के फिल्टर सही से काम नहीं करते, तो शरीर में पेशाब की आदतों में बदलाव आने लगता है। आइए डॉक्टर परवेज (यूरोलॉजिस्ट) जानते हैं वो कौन से संकेत हैं जो बताते हैं कि आपके शरीर का यह फिल्टर यानी किडनी खतरे में हो सकती है।
1. बार-बार और तेजी से पेशाब आना
अगर आपको हर थोड़ी देर में बाथरूम भागना पड़ रहा है और प्रेशर इतना तेज़ होता है कि रोकना मुश्किल हो जाए, तो सावधान हो जाएं। यह बताता है कि किडनी को खून साफ करने में दिक्कत आ रही है और ब्लैडर पर दबाव बढ़ रहा है।
2. रात में बार-बार नींद का टूटना
अगर दिन के मुकाबले रात को सोते समय आपको 2-3 बार से ज़्यादा पेशाब के लिए उठना पड़ता है, तो इसे ‘नोक्टुरिया’ कहते हैं। यह किडनी की बीमारी का एक बड़ा लक्षण है क्योंकि इस दौरान किडनी सही से काम नहीं कर पा रही होती।
3. पेशाब में झाग या रंग बदलना
अगर पेशाब करते समय उसमें बहुत ज़्यादा झाग बन रहा है, तो इसका मतलब है कि शरीर का ज़रूरी प्रोटीन पेशाब के रास्ते बाहर निकल रहा है। यह किडनी डैमेज होने की पहली घंटी है।
4. रुक-रुक कर जलन के साथ आना
अगर पेशाब खुलकर नहीं आ रहा या करने के दौरान जलन महसूस हो रही है, तो यह यह यूरिन इन्फेक्शन (UTI) या किडनी में पथरी (Stone) का शुरुआती संकेत हो सकता है । ऐसी स्थिति में दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें, क्योंकि यह संक्रमण फैलने या किडनी को नुकसान पहुंचने का इशारा है ।
बचाव के लिए क्या करें?
- शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर न लें।
- खाने में नमक सिमित मात्रा में रखें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


