Why Do We Sweat : गर्मियों में चेहरे पर पसीना आने का कारण और बचाव के उपाय डर्मेटोलॉजिस्ट से समझिए

Why Do We Sweat : गर्मियों में चेहरे पर पसीना आने का कारण और बचाव के उपाय डर्मेटोलॉजिस्ट से समझिए

Why do we sweat: गर्मी होने पर पसीना आना एक आम बात है, लेकिन कभी न कभी आपके दिमाग में यह बात जरूर आई होगी कि आखिर गर्मी में चेहरे पर पसीना होता क्यों है, इसके पीछे की साइंस क्या है और अगर यह न हो तो क्या हो सकता है? आइए, एसएमएस (SMS) अस्पताल, जयपुर के चर्म रोग विभाग के सह-आचार्य, डॉ. पुनीत अग्रवाल से इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानते हैं।

गर्मियों में चेहरे पर पसीना क्यों आता है?

डॉ. अग्रवाल के अनुसार, जब भी शरीर में तापमान बढ़ने लगता है, तो उसे नियंत्रित करने के लिए दिमाग नर्वस सिस्टम को सिग्नल भेजता है। इसके बाद पसीने की ग्रंथियां पसीना छोड़ती हैं, जो त्वचा से वाष्पीकृत होकर चेहरे और शरीर को ठंडा रखता है, जिससे शरीर का तापमान कम हो जाता है। इसलिए चेहरे पर पसीना आता है।

पसीना होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं?

ज्यादा पसीना होने पर शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ ही, कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ ,पानी से भरपूर फल, ग्रीन टी जैसी चीजों को डाइट में शामिल करें।

क्या ना खाएं- कॉफी, चाय, मसालेदार खाना, शराब, स्मोकिंग, नमकीन और प्रोसेस्ड फूड का सेवन ना करें।

इन कारणों से भी हो सकता है पसीना

शरीर को ठंडा करने के अलावा, कुछ लोगों को बिना किसी कारण के भी पसीना आता है। इसके पीछे हाइपरहाइड्रोसिस (Hyperhidrosis), तनाव, चिंता, खराब खान-पान या कुछ मेडिकल स्थितियां भी हो सकती हैं।

ज्यादा पसीना आना लाइफस्टाइल को कैसे प्रभावित करता है?

ज्यादा पसीना आने से हाथों से लिखने या काम करने के दौरान परेशानी हो सकती है। वहीं, किसी से हैंडशेक करने में असहजता महसूस हो सकती है। पैरों में ज्यादा पसीना होने के चलते सामान्य चप्पल पहनने में दिक्कत हो सकती है। प्राइवेट पार्ट या अंडरआर्म में ज्यादा पसीना होने से बदबू की समस्या हो सकती है।

कुछ लोगों को पसीना क्यों नहीं होता?

गर्मी लगने पर पसीना होना आम बात है। यह तो ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि कुछ लोगों को गर्मी लगने पर भी पसीना नहीं आता है। इस कंडीशन को मेडिकल भाषा में एनहाइड्रोसिस (Anhidrosis) कहते हैं। यह परेशानी आनुवंशिक कारणों, त्वचा या नसों के क्षतिग्रस्त होने, कुछ दवाइयों के साइड-इफेक्ट या पसीने की ग्रंथियों (Sweat glands) के कम विकसित होने के कारण हो सकती है।

पसीना न होना लाइफस्टाइल को कैसे प्रभावित करता है?

अक्सर लोग यह जानकर खुश हो जाते हैं कि उन्हें पसीना नहीं आता, जिससे वे चिपचिपाहट से बचे रहेंगे। लेकिन डॉ. पुनीत के अनुसार, पसीना न आने से शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं होता, जिससे हीटस्ट्रोक और बेहोशी जैसी स्वास्थ्य से जुड़ी और भी परेशानियां हो सकती हैं।

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