बिजनौर के अपर सत्र न्यायालय एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश शहजाद अली ने पति की हत्या के मामले में पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एडीजीसी प्रमोद शर्मा और अजीत पंवार के अनुसार, यह मामला 28 अगस्त 2024 का है। राजन कुमार ने नजीबाबाद थाने में सूचना दी थी कि सुबह करीब 8:30 बजे वह स्टोन क्रेशर से चाय लेने जा रहा था। इसी दौरान गन्ने के खेत के पास सड़क किनारे नाली में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। शव पर चाकू से वार किए जाने के निशान थे। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में शव की पहचान हरिद्वार जिले के लक्सर थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर आदमपुर निवासी रहीस के रूप में हुई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रहीस की हत्या साजिश के तहत की गई थी। विवेचना के दौरान पता चला कि घटना से कुछ दिन पहले रहीस की मां ने उसकी पत्नी दिलशाना और आरोपी जावेद अली को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उन्होंने इसकी जानकारी अपने बेटे रहीस को दी थी। इसके बाद रहीस ने पत्नी दिलशाना से मारपीट की थी और उसे धमकाया था। अभियोजन के अनुसार, इसी बात से नाराज होकर दिलशाना ने अपने प्रेमी जावेद अली तथा अन्य आरोपियों अब्दुल वाहिद और आकाश के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि 27 अगस्त 2024 की रात जावेद अली रहीस को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया। अगले दिन सुबह उसका शव बरामद हुआ। जांच के दौरान रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में जावेद अली रहीस के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पत्नी दिलशाना, उसके प्रेमी जावेद अली तथा आरोपी अब्दुल वाहिद और आकाश को दोषी मानते हुए सभी को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।


