Share Market डगमगाया तो लोगों को फिर याद आई ‘पुरानी गुल्लक’, लोग अब यहां डाल रहे अपना पैसा

Share Market डगमगाया तो लोगों को फिर याद आई ‘पुरानी गुल्लक’, लोग अब यहां डाल रहे अपना पैसा

Small Savings Schemes: जब बाजार ऊपर जाता है तो हर कोई रिस्क लेने को तैयार रहता है, लेकिन जैसे ही उतार-चढ़ाव बढ़ता है, लोग फिर सुरक्षित ठिकानों की तरफ भागते हैं। इस समय कुछ ऐसा ही हो रहा है। छोटी बचत योजनाएं, जिन्हें लोग धीरे-धीरे भूल रहे थे, अब फिर से चर्चा में हैं। एक वक्त था जब पोस्ट ऑफिस, पीपीएफ और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट हर घर का हिस्सा होते थे। मां-बाप बच्चों के नाम खाते खुलवाते थे और थोड़ा-थोड़ा जोड़कर भविष्य सुरक्षित करते थे। मकसद सीधा था, जरूरत के समय काम आने वाला पैसा बनाना। आज भले ही म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और क्रिप्टो जैसे विकल्प सामने आ गए हों, लेकिन जब बाजार हिलता है तो इन पारंपरिक योजनाओं की अहमियत खुद-ब-खुद सामने आ जाती है।

क्यों कम हुआ था आकर्षण

पिछले कुछ सालों में इन स्मॉल सेविंग योजनाओं की तरफ आकर्षण थोड़ा फीका पड़ा था। इसकी वजह थी- शेयर बाजार में भारी रिटर्न, SIP और म्यूचुअल फंड का बढ़ता क्रेज और नए टैक्स सिस्टम में छूट का कम होना। पहले लोग टैक्स बचाने के लिए भी इन योजनाओं में निवेश करते थे, लेकिन अब नई टैक्स व्यवस्था में यह फायदा कम हो गया है। देश में घरेलू बचत अभी भी बहुत बड़ी है, लेकिन उसमें छोटी बचत योजनाओं का हिस्सा धीरे-धीरे घट रहा है। सरकार भी अब इन योजनाओं पर कम निर्भर होकर बाजार से ज्यादा कर्ज उठा रही है।

सरकार के लिए भी यह आसान खेल नहीं है। अगर वह इन स्किम्स पर ब्याज दर बढ़ाती है तो उस पर खर्च बढ़ेगा। अगर कम करती है तो निवेशक दूर भाग सकते हैं। वित्त मंत्री ने खुद इसे ‘धर्मसंकट’ बताया है। एक तरफ बुजुर्ग हैं, जो इसी ब्याज पर निर्भर हैं, दूसरी तरफ सरकार का खजाना है, जिसे संतुलित रखना जरूरी है।

अगर आप पीपीएफ में हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो सालाना 7.1% ब्याज दर पर मिलने वाला रिटर्न:

निवेश की गई राशि समय अवधि कुल ब्याज मैच्योरिटी राशि
₹22.5 लाख 15 साल ₹18.18 लाख ₹40.68 लाख
₹30 लाख 20 साल ₹36.58 लाख ₹66.58 लाख
₹45 लाख 30 साल ₹1.09 करोड़ ₹1.54 करोड़

हर वर्ग के लिए है खास स्कीम

बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के बाद इन योजनाओं की सबसे बड़ी ताकत सामने आती है, स्टेबल रिटर्न। यहां पैसा डूबने का डर नहीं होता। यही वजह है कि आज भी लोग अपने पोर्टफोलियो में इन्हें जगह दे रहे हैं, खासकर लंबी अवधि के लिए। स्मॉल सेविंग स्कीम्स में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है। PPF लंबी अवधि और टैक्स फ्री रिटर्न देती है। सुकन्या योजना बेटी के भविष्य के लिए है। सीनियर सिटीजन स्कीम बुजुर्गों के लिए नियमित आय सुनिश्चित करती है। वहीं, NSC सुरक्षित निवेश का विकल्प है। अगर आपको तुरंत पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो ये योजनाएं सही नहीं हैं। लेकिन अगर आप धैर्य से पैसा बढ़ाना चाहते हैं, तो ये आज भी मजबूत विकल्प हैं।

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