भिवानी मंडी में सड़कों पर आया गेहूं:उठान धीमा@32%, जिले की 13 मंडियों में 1.60 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा आवक

भिवानी मंडी में सड़कों पर आया गेहूं:उठान धीमा@32%, जिले की 13 मंडियों में 1.60 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा आवक

भिवानी जिले में गेहूं व सरसों की खरीद जारी है। गेहूं की बात करें तो 1 अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू हुई थी। वहीं खरीद के लिए जिले में 13 मंडियां बनाई गई हैं। जहां फिलहाल गेहूं की आवक काफी हो रही है। लेकिन उठान काफी धीमा नजर आ रहा है। खरीद का एक तिहाई गेहूं भी नहीं उठाया जा रहा। इधर, आवक की बात करें तो उसका आधे के करीब ही गेहूं खरीदा गया है। इधर, बार-बार बदलता मौसम भी चिंता को बढ़ाने का काम कर रहा है। गेहूं अनाज मंडी की शेड के अलावा खुले आसमान के नीचे भी रखा हुआ है। फिलहाल मंडी में स्थिति यह है कि कई जगह मंडी की सड़कों पर भी गेहूं आ गया है। 13 मंडियां बनाई
भिवानी जिले की बात करें तो गेहूं खरीद के लिए कुल 13 मंडिया बनाई गई है। इन सभी मंडियों में 18 फरवरी तक कुल 1 लाख 60 हजार 332 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। जबकि 93 हजार 61 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। जो कुल आवक की करीब 58.04 प्रतिशत है। वहीं 67 हजार 271 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी नहीं हो पाई। इसके अलावा जिले की सभी मंडियों में 29 हजार 571 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हुआ है। जो 31.78 प्रतिशत है। 18 हजार 10 किसानों का गेहूं मंडी में पहुंचा
वहीं अभी 18 हजार 10 किसानों का गेहूं मंडी में पहुंचा है। भिवानी जिले में खरीद के लिए तीन एजेंसियां हैं, जिनमे हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस व फूड एंड सप्लाई विभाग शामिल है। फूड एंड सप्लाई विभाग द्वारा 13 हजार 833.2 मीट्रिक टन गेहूं का 35.36 करोड़ रुपए भुगतान किया है। हैफेड द्वारा 7535.70 मीट्रिक टन गेहूं का 19.48 करोड़ रुपए किसानों को दिए हैं। वहीं हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 1046 मीट्रिक टन के 2.70 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। राजनीतिक दल कर रहे खरीद प्रक्रिया के नए नियमों का विरोध
सरकार द्वारा अनाज खरीद के लिए लागू किए गए नए नियमों का राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं। राजनीतिक दलों का कहना है कि सरकार ने जो नए नियम लागू किए हैं, जिसमें किसानों की बॉयोमैट्रिक, ट्रैक्टर पर नंबर लगाना आदि गलत व किसानों को परेशान करने वाले हैं, इन्हें वापस लिया जाए। जिसको लेकर इनेलो, जेजेपी व कांग्रेस पार्टी के नेता भी मंडियों में पहुंचे। इस दौरान किसानों व आढ़तियों से मिलकर विरोध जताया।

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