भीषण गर्मी के इस दौर में बेजुबान पक्षियों के लिए पानी की एक-एक बूंद का संकट खड़ा हो गया है। इस कठिन समय में बेजुबान पक्षियों को राहत पहुंचाने और उनकी जान बचाने के लिए विप्र फाउंडेशन आगे आया है। फाउंडेशन की ओर से जिलेभर में परिंदों के लिए परिंडे (मिट्टी के बर्तन) लगाने और दाने-पानी की व्यवस्था करने का एक विशेष सेवा अभियान शुरू किया गया है। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा के निर्देशानुसार इस कार्य का आगाज किया गया है। झुंझुनूं जिले में यह पूरा अभियान जिला संयोजक उमाशंकर महमिया के संयोजन और पंडित हरिकृष्ण शुक्ला के सानिध्य में चलाया जा रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 101 परिंडे लगाने का एक लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी संकल्प के तहत अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत की गई, जिसमें अलग-अलग सार्वजनिक व धार्मिक स्थानों पर 21 परिंडे बांधकर उनमें पानी भरा गया। इन प्रमुख स्थानों पर बांधे गए परिंडे बिबाणी धाम बालाजी मंदिर प्रांगण इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर (मंडेला रोड) जिले के अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थल 5 क्विंटल अनाज की व्यवस्था, सुबह-शाम डाला जाएगा दाना अक्सर देखा जाता है कि लोग परिंडे तो लगा देते हैं, लेकिन बाद में वे खाली रह जाते हैं। विप्र फाउंडेशन ने इसका स्थायी समाधान निकाला है। कार्यक्रम के दौरान जिला कोषाध्यक्ष राकेश सहल और जिला मंत्री विकास पुरोहित के विशेष सौजन्य से 5 क्विंटल अनाज (दाना) की व्यवस्था की गई है। फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी ली है कि इस अनाज को नियमित रूप से सुबह और शाम के वक्त पक्षियों के चुगे के लिए डाला जाएगा, ताकि भोजन की तलाश में परिंदों को भटकना न पड़े। ये रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान जिला संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया, जिला मंत्री रमेश चौमाल, गोपीराम पुरोहित, श्यामसुंदर दाधीच, तहसील अध्यक्ष अनिल जोशी, राकेश व्यास, एडवोकेट रवि शुक्ला और गुड्डू पुरोहित सहित विप्र फाउंडेशन के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


