भातखंडे विश्वविद्यालय में विश्व नृत्य दिवस समारोह:रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, कुलपति ने किया शुभारंभ

भातखंडे विश्वविद्यालय में विश्व नृत्य दिवस समारोह:रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, कुलपति ने किया शुभारंभ

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्सव का माहौल देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत इलाक्षी राठौर द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना से हुई। इसके बाद, कुशा अपूर्वा नारायण, नम्रता गौतम और खुशी मौर्य सहित अन्य कलाकारों ने भरतनाट्यम की ‘शिव स्तुति – भो शंभो’ प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीयता और लय का सुंदर तालमेल प्रस्तुत किया सैयद शमशुर रहमान, दीप्ति सिंह और उनकी टीम ने अष्टपदी की प्रस्तुति में भाव और अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट संगम दिखाया। पुष्पांजलि और जातिस्वरम की संयुक्त प्रस्तुति में कलाकारों ने शास्त्रीयता और लय का सुंदर तालमेल प्रस्तुत किया। संगत में वादकों का योगदान भी सराहनीय रहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कथक की प्रस्तुति रही। “शिव स्तोत्रम्” से शुरू होकर मत्त ताल में प्रस्तुत इस नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के सटीक पाद-संचालन, लयकारी और चक्करों ने खूब वाहवाही बटोरी।दूसरे चरण में शिव वंदना और द्रुत लय में ताल पक्ष की ऊर्जावान प्रस्तुति ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। नृत्य साधना का एक सशक्त माध्यम कलाकारों ने अपनी ऊर्जा और समन्वय से दर्शकों को बांधे रखा।कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि संस्कृति और साधना का एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन पावनी अवस्थी ने प्रभावशाली ढंग से किया। यह आयोजन दर्शकों के लिए यादगार साबित हुआ।

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