US-Iran War: ईरानी दूतावास ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका को चिढ़ाया, कहा- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’

US-Iran War: ईरानी दूतावास ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका को चिढ़ाया, कहा- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’

US-Iran Conflict: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेल की कीमतों में तेजी से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। इसी बीच, सिएरा लियोन स्थित ईरानी दूतावास ने अमेरिका को लेकर एक ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट किया है, जिसने तनाव के बीच सबका ध्यान खींचा है।

ईरानी दूतावास ने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा करीब 35 सेकेंड का एक वीडियो साझा किया है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया, ‘हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!’ इस पोस्ट को अमेरिका के लिए एक तंज के तौर पर देखा जा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव

होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव है। अमेरिका किसी भी सूरत में होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी नियंत्रण स्वीकार नहीं करना चाहता। अमेरिका ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से माइन्स हटाई थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको लेकर चेतावनी भी दी थी कि यदि तेहरान ने फिर से समुद्री माइन्स बिछाने का काम किया, तो उनके जहाजों और नौकाओं को नष्ट कर दिया जाएगा।

गुरुवार को होर्मुज से केवल 4 जहाज गुजरे

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी सामान्य से काफी कम है। रॉयटर्स के मुताबिक, केप्लर के शिपिंग डेटा में बताया गया है कि गुरुवार को सिर्फ 4 मालवाहक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे। इससे एक दिन पहले 9 जहाज यहां से गुजरे थे। वहीं, पिछले 10 दिनों का औसत करीब 15 जहाज प्रतिदिन रहा है। गुरुवार को गुजरने वाले जहाजों में दो मध्यम आकार के तेल टैंकर, एक बड़ा कैमसरमैक्स टैंकर और एक हैंडीसाइज जहाज शामिल थे।

दक्षिण कोरिया विकल्पों पर कर रहा विचार

दक्षिण कोरिया होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही बनाए रखने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें सैन्य मदद देने का विकल्प भी शामिल है। राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि दक्षिण कोरिया ने इस मामले में कोई मदद नहीं की है। रॉयटर्स के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत फिलहाल आगे नहीं बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच बातचीत में सेमीकंडक्टर यानी चिप उद्योग समेत कई अन्य मुद्दे भी शामिल हैं।

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