फर्श पर गिरे टूटे नूडल्स से बना रहे थे स्नैक्स, WAI-WAI फैक्ट्री पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई

फर्श पर गिरे टूटे नूडल्स से बना रहे थे स्नैक्स, WAI-WAI फैक्ट्री पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई

Wai Wai Noodles FSSAI Action: वाई-वाई नूडल्स खाने वालों के लिए हैरान करने वाली खबर सामने आई है। राजस्थान की एक फैक्ट्री में फर्श पर पड़े टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल स्नैक्स बनाने में किए जाने का मामला सामने आया है। फूड सेफ्टी अधिकारियों की जांच में कई गंभीर लापरवाहियां मिलीं।

मामला ‘CG Foods India’ की राजस्थान स्थित फैक्ट्री का है। यह कंपनी ‘CG Corp Global’ का हिस्सा है। इसी ग्रुप का मशहूर वाई-वाई इंस्टेंट नूडल ब्रांड है। बता दें इसी ग्रुप के चेयरमैन बिनोद चौधरी को ‘नूडल किंग’ के नाम से भी जाना जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI ने कार्रवाई करते हुए कंपनी को कुछ प्रोडक्ट्स का उत्पादन रोकने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में स्टॉक भी जब्त किया है।

फर्श से उठे नूडल्स से बनाई जा रही थी भुजिया

जांच के दौरान फैक्ट्री में टूटे हुए नूडल्स फर्श पर जमा मिले। आरोप है कि इन्हीं नूडल्स को बाद में भुजिया (स्नैक्स) बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह थी कि इन नूडल्स को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले जरूरी हीट ट्रीटमेंट नहीं किया जा रहा था। यानी फर्श पर पड़े नूडल्स को सीधे री-प्रोसेस किए जाने की बात सामने आई। जांच वाई-वाई ब्रांड के दो भुजिया प्रोडक्ट्स को लेकर की गई। भुजिया भारत में बेहद लोकप्रिय स्नैक है। इसे कई कंपनियां पैकेट में बेचती हैं।

32 हजार किलो स्टॉक जब्त

फूड सेफ्टी अधिकारियों ने फैक्ट्री से करीब 32 हजार किलो स्टॉक जब्त किया है। जांच के दौरान एक्सपायर हो चुके तैयार प्रोडक्ट के 1,925 बॉक्स भी मिले। FSSAI ने मामले में फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने जांच के लिए प्रोडक्ट्स के सैंपल भी लिए हैं। अब इनकी टेस्टिंग के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब देशभर में खाद्य पदार्थों की क्वालिटी और हाइजीन को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। रेस्टोरेंट और बड़े फूड ब्रांड भी जांच के दायरे में हैं।

महाराष्ट्र में भी बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई

इसी दौरान महाराष्ट्र के नवी मुंबई में भी एक वेयरहाउस पर छापा मारा गया। यहां एक्सपायर और एक्सपायर होने के करीब पहुंच चुके प्रोडक्ट्स मिले। जांच में आरोप है कि कुछ प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशन लेबल बदले गए थे। अधिकारियों को ऐसे केमिकल भी मिलने की बात कही गई, जिनका इस्तेमाल तारीख मिटाने और नए लेबल लगाने में किया जा सकता था।

वेयरहाउस के चार कमरों से करीब 5,000 कार्टन मिले। इनमें लेस, कुरकुरे, मैगी मसाला नूडल्स, थम्स-अप, लिम्का और नॉर मशरूम सूप जैसे कई लोकप्रिय प्रोडक्ट शामिल थे। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में कई कार्रवाई हुई हैं। FDA चीफ तुकाराम मुंडे की अगुवाई में कई जगहों पर जांच की गई। नियमों के उल्लंघन के बाद डोमिनोज और पिज्जा हट के कुछ आउटलेट्स के लाइसेंस भी निलंबित किए गए थे। इन घटनाओं ने एक बार फिर पैकेज्ड फूड की क्वालिटी और हाइजीन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके खाने की चीजें किस तरह तैयार और स्टोर की जा रही हैं।

बता दें FDA चीफ तुकाराम मुंडे (आईएएस अधिकारी) सोशल मीडिया पर खूब लोकप्रिय हैं।

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