नेपाल बाढ़ : मौत को मात देकर 10वें दिन सुरंग से जिंदा निकला पति, खुशी से छलकी पत्नी की आंखें; बोली- यह उनका दूसरा जन्म है

नेपाल बाढ़ : मौत को मात देकर 10वें दिन सुरंग से जिंदा निकला पति, खुशी से छलकी पत्नी की आंखें; बोली- यह उनका दूसरा जन्म है

Nepal Flood Hydropower Tunnel Rescue : काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद एक हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में फंसे व्यक्ति को 10 दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जिंदगी और मौत के बीच चले इस 10 दिन के संघर्ष के बाद जिंदा लौटे पति को देखकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक पड़ीं। बचाव दल का आभार व्यक्त करते हुए पीड़ित की पत्नी ने कहा कि यह उनके पति का दूसरा जन्म है।

त्रिशूली 3A प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसा था कबीर

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में काठमांडू निवासी कबीर महर्जन अपने साथी संजय साह के साथ फंस गए थे। दस दिनों तक बिना अन्न-पानी के भूमिगत सुरंग में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद आखिरकार शुक्रवार सुबह नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और विदेशी बचाव टीमों के संयुक्त प्रयास से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

‘ना भूख लगती थी, ना नींद आती थी’

पति के रेस्क्यू होने की खबर मिलते ही पत्नी हीरा शोभा की खुशी का ठिकाना न रहा। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कांतिपुर मीडिया से बातचीत में उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह एक तरह से नया जीवन लेकर वापस लौटे हैं। हम बहुत खुश हैं। इतने दिनों से हम बस उनका इंतजार कर रहे थे, अब मैं उनसे मिलने अस्पताल जा रही हूं। बीते दिनों की पीड़ा को साझा करते हुए हीरा शोभा ने कहा कि हमारे और परिवार के लिए एक-एक दिन काटना बेहद कठिन और दर्दनाक था। यह एक-दो दिन की बात नहीं थी। इतने दिनों तक न हम कुछ खा पा रहे थे और न ही सो पा रहे थे। लेकिन मन में एक विश्वास था कि वह सुरक्षित हैं और लौटकर जरूर आएंगे।

जान जोखिम में डालकर बचाने वाली रेस्क्यू टीम का जताया आभार

हीरा शोभा ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी सुरक्षाकर्मियों और राहत बचाव दल का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण और लंबा होता है। रेस्क्यू टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर मेरे पति की जान बचाई है। पूरे बचाव दल को दिल से शुक्रिया।

हीरा शोभा के अनुसार, कबीर पिछले 7 सालों से त्रिशूली 3A प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। बाढ़ आने से ठीक पहले बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे उनकी अपने पति से आखिरी बार बात हुई थी, जिसके बाद अचानक भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ गया और सुरंग में पानी भर गया था। फिलहाल दोनों बचाए गए व्यक्तियों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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