US-Iran Talk: अमेरिका और ईरान के बीच फिर फेल हुई वार्ता, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से ईरानी राष्ट्रपति ने कही बड़ी बात

US-Iran Talk: अमेरिका और ईरान के बीच फिर फेल हुई वार्ता, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से ईरानी राष्ट्रपति ने कही बड़ी बात

US-Iran Talk: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की बातचीत भी विफल हो गई। इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कड़ा रूख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक कोई सीधी बातचीत संभव नहीं है।

ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन की पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ के साथ फोन पर भी बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान दबाव या धमकी के आगे झुककर कोई समझौता नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि शांति में सबसे बड़ी बाधा बातचीत की कमी नहीं, बल्कि अमेरिका के शत्रुतापूर्ण कदम हैं।

ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कारण

इस दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ बातचीत क्यों नहीं हो रही है, इसका कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका का दबाव और दुश्मनाना रवैया जारी रहेगा, तब तक भरोसा बहाल करना और बातचीत आगे बढ़ाना मुश्किल रहेगा।

डोनाल्ड ट्रंप को दी सलाह

ईरानी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप को भी सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में हमारे साथ बातचीत करना चाहता है, तो पहले उसे सैन्य और आर्थिक प्रतिबंधों समेत सभी बाधाएं हटानी होगी। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जो नाकेबंदी कर रखी है उसे भी। 

ट्रंप ने क्या कहा? 

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधियों की यात्रा रद्द करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुत लंबी और महंगी थी और बैठक में ईरान के शीर्ष नेता शामिल नहीं होने वाले थे।

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को काफी अच्छा लेकिन पर्याप्त नहीं बताया और कहा कि अमेरिका की मुख्य मांग यही है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे।

पाकिस्तान से रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि तेहरान ने पाकिस्तान के सामने संघर्ष खत्म करने के लिए एक व्यावहारिक ढांचा पेश किया है, लेकिन अमेरिका की नीयत पर सवाल उठाए।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों की आधिकारिक सूची सौंपकर इस्लामाबाद से रवाना हो चुका है, जिससे पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अनिश्चितता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि अब्बास अराघची ओमान दौरे के बाद एक बार फिर पाकिस्तान जा सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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