ज्योतिरादित्य सिंधिया को शिकस्त देनेवाले केपी यादव को बीजेपी ने नवाजा, दिया बड़ा दायित्व

ज्योतिरादित्य सिंधिया को शिकस्त देनेवाले केपी यादव को बीजेपी ने नवाजा, दिया बड़ा दायित्व

KP Yadav- सन 2019 में तत्कालीन कांग्रेसी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर गुना शिवपुरी सीट पर बीजेपी का वर्चस्व स्थापित करनेवाले केपी यादव KP Yadav को आखिरकार पार्टी ने पुरुस्कृत कर दिया है। उन्हें एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम- नान) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ज्योति​रादित्य सिंधिया के बीजेपी में आ जाने पर तत्कालीन सांसद केपी यादव को टिकट नहीं दी गई थी लेकिन इस त्याग पर उन्हें अहम दायित्व देने का भरोसा दिलाया गया था। पार्टी ने अब यह वादा पूरा कर दिया है। कई प्रकार के विरोधों और अड़ंगों के बावजूद केपी यादव की यह नियुक्ति की गई है। सरकार ने कुछ अन्य नियुक्तियों की घोषणा भी की है।

पूर्व सांसद केपी यादव KP Yadav- को जहां सरकार ने एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम- नान) का अध्यक्ष नियुक्त किया वहीं भिंड जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजीव कांकर को उपाध्यक्ष बनाया है। इन दोनों नेताओं का पदों पर कार्यकाल दो वर्ष का होगा।

मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पद के लिए भी नियुक्ति की घोषणा

सरकार ने मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पद के लिए भी नियुक्ति की घोषणा की है। वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की कमान भाजपा नेता संजय नगाइच को दी गई है। वे पन्ना के वरिष्ठ पार्टी नेताओं में शुमार हैं। वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पद के रूप में संजय नगाइच का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा।

केपी यादव की नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया वादा निभा दिया गया है। वे जब गुना के सांसद थे तब भी 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी टिकट काटकर ज्योतिरादित्य सिंधिया को उम्मीदवार बना दिया गया था। तभी ग्वालियर की एक सभा में अमित शाह ने केपी यादव को सार्वजनिक रूप से भरोसा दिया था कि पार्टी उनके त्याग का सम्मान करेगी।

सिंधिया भाजपा में आए तो केपी की टिकट काटकर उनसे ‘सम्मान’ का वादा किया था, जिसे भाजपा ने अब नान का अध्यक्ष नियुक्त कर निभाया

खास बात यह है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के केपी यादव ने तब कांग्रेस के उम्मीदवार रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही हराया था। सिंधिया भाजपा में आए तो केपी की टिकट काटकर उनसे ‘सम्मान’ का वादा किया था, जिसे भाजपा ने अब नान का अध्यक्ष नियुक्त कर निभाया है।

बता दें कि सरकार ने सबसे पहले भाजपा नेता जयभान सिंह पवैया को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष घोषित कर राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत की थी। इसके बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग में अध्यक्ष नियुक्त किए। पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, ग्वालियर मेला प्राधिकरण के अध्यक्षों का ऐलान किया था।

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