US Ambassador Sergio Gor के Kashmir दौरे को लेकर बढ़ी हलचल, CM Omar Abdullah बोले उनसे सारी बात करूँगा लेकिन…

US Ambassador Sergio Gor के Kashmir दौरे को लेकर बढ़ी हलचल, CM Omar Abdullah बोले उनसे सारी बात करूँगा लेकिन…

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर स्पष्ट किया कि वह उनके साथ केंद्र शासित प्रदेश की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जरूर करेंगे, लेकिन भारत के आंतरिक मामलों की शिकायत किसी दूसरे देश के राजदूत से नहीं करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान वाशिंगटन में नहीं, बल्कि भारत सरकार के स्तर पर ही संभव है।

श्रीनगर में अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर आ रहा है और वह उनसे मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, “उन्हें आने दीजिए, हम बैठकर बात करेंगे।” मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि बातचीत के दौरान वह अमेरिकी राजदूत की बात भी सुनना चाहेंगे, क्योंकि गोर स्वयं भी जम्मू-कश्मीर की स्थिति को समझने और सुनने के उद्देश्य से आ रहे हैं।

हालांकि, अब्दुल्ला ने बातचीत की सीमा भी स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के जिन मुद्दों का सामना प्रदेश कर रहा है, उनका अमेरिका से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, इन समस्याओं का समाधान किसी विदेशी राजधानी से नहीं बल्कि केंद्र सरकार के स्तर पर होना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने देश की शिकायत किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने करने की आदत नहीं डाली है। उन्होंने दो टूक कहा, “हमारी समस्याओं का समाधान वाशिंगटन से नहीं आएगा। हमारी समस्याओं का समाधान हमारी केंद्र सरकार के पास है।”

अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर दौरा क्षेत्र की राजनीतिक और कूटनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी प्रतिनिधि के साथ जम्मू-कश्मीर और मौजूदा हालात पर जरूर चर्चा करेंगे, लेकिन किसी तरह की शिकायत दर्ज कराने या अपनी राजनीतिक समस्याओं के समाधान के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप मांगने का सवाल ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर की वर्तमान परिस्थितियों पर राजदूत से बातचीत करेंगे, लेकिन “न तो शिकायत करेंगे और न ही अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनसे मांग करेंगे।” देखा जाये तो उमर अब्दुल्ला के इस रुख को केंद्र-राज्य संबंधों और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर उनकी स्पष्ट राजनीतिक स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने अमेरिकी राजदूत के साथ संवाद के दरवाजे खुले रखे हैं, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी दिया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े आंतरिक राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों का समाधान भारत के संवैधानिक और राजनीतिक ढांचे के भीतर ही होना चाहिए।

माना जा रहा है कि इस मुलाकात में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा हालात और जम्मू-कश्मीर से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, अब्दुल्ला ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत होगी, लेकिन भारत के आंतरिक मामलों में किसी विदेशी मध्यस्थता या हस्तक्षेप की मांग नहीं की जाएगी।

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