मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया ने विदेश से अपना काम चलाते हुए, गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदली और फर्जी पासपोर्ट हासिल किए। अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा जारी नई जानकारी से पता चला है कि 22 अक्टूबर को अमेरिका में पकड़े जाने से पहले, ये दोनों किस तरह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नज़र से बचकर रहने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली जैसे कई आपराधिक मामलों में वांछित इन दोनों गैंगस्टरों ने अपनी असली पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। हिमांशु भाऊ ने ‘हिमांशु सिग्रोहा’ नाम से पासपोर्ट बनवाया था, जबकि नीरज फरीदपुरिया ने ‘नीरज कौशिक’ नाम का इस्तेमाल किया। इंडिया टुडे को यह भी पता चला है कि फरीदपुरिया 2025 के आखिरी महीनों में पुर्तगाल से अमेरिका चला गया था।
इसे भी पढ़ें: पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ तेज होगी कार्रवाई, DGP Gaurav Yadav ने दी सख्त चेतावनी
इन दोनों को पकड़ने का ऑपरेशन ICE की मदद से चलाया गया। दोनों गैंगस्टर फिलहाल अमेरिका के नेवादा में हेंडरसन काउंटी डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। दो लोगों को अमेरिका में पकड़ा गया था। हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उन्हें भारत वापस लाने (डिपोर्टेशन) के लिए अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। इससे पहले, अगस्त 2023 में, भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोध पर भाऊ के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। वह नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की ‘वांटेड’ सूची में भी शामिल रहा है। उस समय, पुलिस ने बताया था कि वह 18 मामलों में वांछित (वांटेड) था।
‘रेड नोटिस’ का उद्देश्य सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने में मदद मांगना है, ताकि प्रत्यर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्यवाही पूरी होने तक उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जा सके। यह कोई अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है; उस व्यक्ति के खिलाफ कोई भी कार्रवाई उसी देश के कानूनों के अनुसार होगी, जहां वह पाया जाता है।
कौन है हिमांशु भाऊ?
हरियाणा का गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, जिसका असली नाम हिमांशु रितोलिया है, भारत के सबसे वांछित भगोड़ों में से एक है। वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का विरोधी है। हरियाणा के रोहतक का रहने वाला भाऊ, विदेश में रहकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में एक आपराधिक नेटवर्क चलाने का आरोपी है। 2002 में जन्मा भाऊ किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में आ गया था। 2020 में वह अन्य कैदियों के साथ एक बाल सुधार गृह से भाग गया था। पुलिस ने उसे हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, अवैध हथियारों और आपराधिक साजिश के मामलों से जोड़ा है। पुलिस का आरोप है कि वह विदेश में रहते हुए अपने साथियों के जरिए भारत में आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता था।

