UP Politics: यूपी में योगी का ही ‘जलवा’, मंत्रिमंडल बंटवारे में जो चाहा, वो ही हुआ!

UP Politics: यूपी में योगी का ही ‘जलवा’, मंत्रिमंडल बंटवारे में जो चाहा, वो ही हुआ!

यूपी में मंत्रियों को विभागों के बंटवारे को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे। यह भी कहा जा रहा था कि इस बार सबकुछ दिल्ली से तय होगा और लोक निर्माण विभाग (PWD) जैसा मुख्य विभाग सीएम योगी को किसी दूसरे मंत्री को सौंपने के लिए कहा जा सकता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, उल्टा विभागों के बंटवारे में योगी का दबदबा जरूर नजर आया। इससे पता चलता है कि केन्द्रीय नेतृत्व का योगी आदित्यनाथ पर भरोसा कायम है और वरिष्ठ नेता आश्वस्त हैं कि योगी के मार्गदर्शन में यूपी में सबकुछ ठीक होगा।

योगी के पास ही रहेगा PWD

लोक निर्माण विभाग (PWD) विभाग सबसे महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है, क्योंकि इसका जनता से सीधा जुड़ाव होता है। योगी आदित्यनाथ के पहले मंत्रिमंडल (2017-2022) में केशव प्रसाद मौर्य के पास यह विभाग था। दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने PWD अपने पास रख लिया। माना जा रहा था कि इस बार PWD की जिम्मेदारी वापस मौर्य या फिर भूपेन्द्र चौधरी को दी जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। योगी ही फिलहाल यह विभाग संभालते रहेंगे। सीएम के पास फिलहाल 35 से अधिक विभाग हैं, जिनमें गृह, कार्मिक, सतर्कता, आवास और शहरी नियोजन, राजस्व, सूचना और नागरिक उड्डयन जैसे विभाग भी शामिल हैं। बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार के करीब एक सप्ताह बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हुआ है। इस पर विचार-विमर्श के लिए योगी दिल्ली भी गए थे।

यूपी में योगी की नंबर 1

उत्तर प्रदेश में शीर्ष नेताओं के बीच मनमुटाव की खबरें बीते कुछ समय में कई बार आई हैं। इसे लेकर बीजेपी आलाकमान नाराजगी भी जाता चुका है। इसके मद्देनजर यह कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार के कैबिनेट विस्तार में दिल्ली का दखल ज्यादा होगा। मगर जो तस्वीर सामने आई है, वो यही इशारा कर रही है कि सबकुछ ठीक है और योगी का दबदबा कायम है। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में काफी काम हुआ है। योगी की बुलडोजर वाली छवि ने हिन्दू मतदाताओं के बीच बीजेपी की पकड़ को मजबूत किया है। ऐसे में अगर केन्द्रीय नेतृत्व विभागों के बंटवारे में सीएम योगी की पसंद-नापसंद का ख्याल नहीं रखता, तो गलत संदेश जाता। साथ ही पार्टी में मनमुटाव और गुटबाजी भी बढ़ने की आशंका बनी रहती।

अब जब सबकुछ योगी के अनुसार हुआ है, तो पार्टी नेताओं को यह स्पष्ट संकेत मिल गया है कि आलाकमान का योगी पर विश्वास कायम है। इससे कहीं न कहीं यह भी साफ हो गया है कि 2027 का चुनाव भी योगी को आगे करके लड़ा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *