नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का दूसरा दिन:केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और रक्षा राज्य मंत्री होंगे शामिल

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का दूसरा दिन:केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और रक्षा राज्य मंत्री होंगे शामिल

प्रयागराज में मंगलवार को उत्तर प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (नॉर्थ टेक सिम्पोजियम) 2026 का दूसरा दिन है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य रूप से सम्मिलित होंगे और प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। इसके पहले सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिंपोजियम का उद्घाटन किया। और फायरिंग रेंज में जाकर आधुनिक हथियारों का लाइव डेमो देखा। उनके साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी भी मौजूद थे । साथ अधिकारी उपस्थित थे। भारतीय सेना की उत्तरी कमान, मध्य कमान और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। 284 कंपनियां, जिसमें MSMEs, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित कर रही हैं। पहले दिन फील्ड में कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, हेल्थ केयर, रोबोटिक्स, सिमुलेटर्स, स्पेशल व्हीकल, unmand aerial system जैसे रक्षा उपकरणों का डेमांस्ट्रेशन किया गया। सिमपोजियम की थीम ‘रक्षा त्रिवेणी संगम – जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है’ है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो। आधुनिक रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं। ड्रोन और सैन्य वाहनों पर फोकस कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा। उद्योग और सेना के बीच संवाद इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी। सेमिनार में बड़े विषयों पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।

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