गोपालगंज में गाड़ियों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने 333 लीटर शराब के साथ 2 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गोपालपुर थाना क्षेत्र के कोटनारहवा गांव के पास हुई। गिरफ्तार जवानों की पहचान अमित कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल कुमार SP ऑफिस की टेक्निकल सेल में तैनात था, जबकि अमित कुमार JDU विधायक मंजीत सिंह का बॉडीगार्ड रह चुका है। अमित कुमार फिलहाल कुचायकोट डायल 112 में तैनात था। दोनों पुलिस वाले अपनी गाड़ी से यूपी से बिहार में शराब की यह खेप ला रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क को लेकर पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम…
अमित कुमार विधायक के रह चुका है बॉडीगार्ड गोपालपुर थाना पुलिस नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी, तभी कोटनारहवा गांव के पास एक संदिग्ध ब्रेजा कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में शराब मिली। वाहन में मौजूद लोगों की पहचान होने पर पुलिसकर्मी हैरान रह गए, क्योंकि वे दोनों बिहार पुलिस के जवान थे। राहुल कुमार डीआईयू में प्रतिनियुक्त बताए जा रहे हैं, जबकि अमित कुमार पूर्व में जेडीयू विधायक मंजीत सिंह के अंगरक्षक रह चुके हैं और वर्तमान में कुचायकोट डायल 112 में तैनात थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जवान अमित कुमार का विवादों से पुराना संबंध रहा है। अमित कुमार को पहले भी हर्ष फायरिंग के एक मामले में निलंबित किया जा चुका था। शराब तस्करी के इस ताजा मामले में उनकी गिरफ्तारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के बाद निजी गाड़ी से निकले थे दोनों दोनों जवान ड्यूटी खत्म करने के बाद अपनी निजी गाड़ी से निकले थे और उसी दौरान शराब की खेप के साथ पकड़े गए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ प्रांजल ने बताया कि गोपालपुर थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान दो पुलिस जवानों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों जवान निजी वाहन से शराब की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। दोनों पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित एसपी विनय तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय स्तर पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अनुसंधान के क्रम में गिरफ्तार पुलिसकर्मी के निशानदेही पर इस अवैध शराब कारोबार में संलिप्त एक अन्य अभियुक्त मलही, कुचायकोट निवासी जाहिद खान के बेटे अहमद रजा खान उर्फ सारूक को मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पहचान करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी इस संबंध में गोपालपुर थाना कांड दर्ज कर अग्रेतर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। अन्य शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर लगातार छापामारी और कार्रवाई की जा रही है। गोपालगंज पुलिस स्पष्ट करना चाहती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिस विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी पुलिसकर्मी अथवा अन्य व्यक्ति की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गोपालगंज में गाड़ियों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने 333 लीटर शराब के साथ 2 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गोपालपुर थाना क्षेत्र के कोटनारहवा गांव के पास हुई। गिरफ्तार जवानों की पहचान अमित कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल कुमार SP ऑफिस की टेक्निकल सेल में तैनात था, जबकि अमित कुमार JDU विधायक मंजीत सिंह का बॉडीगार्ड रह चुका है। अमित कुमार फिलहाल कुचायकोट डायल 112 में तैनात था। दोनों पुलिस वाले अपनी गाड़ी से यूपी से बिहार में शराब की यह खेप ला रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क को लेकर पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम…
अमित कुमार विधायक के रह चुका है बॉडीगार्ड गोपालपुर थाना पुलिस नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी, तभी कोटनारहवा गांव के पास एक संदिग्ध ब्रेजा कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में शराब मिली। वाहन में मौजूद लोगों की पहचान होने पर पुलिसकर्मी हैरान रह गए, क्योंकि वे दोनों बिहार पुलिस के जवान थे। राहुल कुमार डीआईयू में प्रतिनियुक्त बताए जा रहे हैं, जबकि अमित कुमार पूर्व में जेडीयू विधायक मंजीत सिंह के अंगरक्षक रह चुके हैं और वर्तमान में कुचायकोट डायल 112 में तैनात थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जवान अमित कुमार का विवादों से पुराना संबंध रहा है। अमित कुमार को पहले भी हर्ष फायरिंग के एक मामले में निलंबित किया जा चुका था। शराब तस्करी के इस ताजा मामले में उनकी गिरफ्तारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के बाद निजी गाड़ी से निकले थे दोनों दोनों जवान ड्यूटी खत्म करने के बाद अपनी निजी गाड़ी से निकले थे और उसी दौरान शराब की खेप के साथ पकड़े गए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ प्रांजल ने बताया कि गोपालपुर थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान दो पुलिस जवानों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों जवान निजी वाहन से शराब की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। दोनों पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित एसपी विनय तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय स्तर पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अनुसंधान के क्रम में गिरफ्तार पुलिसकर्मी के निशानदेही पर इस अवैध शराब कारोबार में संलिप्त एक अन्य अभियुक्त मलही, कुचायकोट निवासी जाहिद खान के बेटे अहमद रजा खान उर्फ सारूक को मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पहचान करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी इस संबंध में गोपालपुर थाना कांड दर्ज कर अग्रेतर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। अन्य शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर लगातार छापामारी और कार्रवाई की जा रही है। गोपालगंज पुलिस स्पष्ट करना चाहती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिस विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी पुलिसकर्मी अथवा अन्य व्यक्ति की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


