नहीं सुधर पा रही परिवहन व्यवस्था, समर्थन मूल्य केन्द्रों पर बिगड़ रही स्थिति, तौल कार्य भी होने लगा प्रभावित

नहीं सुधर पा रही परिवहन व्यवस्था, समर्थन मूल्य केन्द्रों पर बिगड़ रही स्थिति, तौल कार्य भी होने लगा प्रभावित

बीना. समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों से उपज का परिवहन न होने से व्यवस्थाएं गड़बड़ा रही हैं। साथ ही बार-बार खत्म हो रहा बारदाना भी किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। खुले आसमान के नीचे रखी उपज पर यदि बारिश होने पर भीगती है, तो वह खराब हो जाएगी। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पिपरासर खरीदी केन्द्र पर करीब चार हजार क्विंटल मूसर, चना खेत में रखा हुआ है और आसमान पर छाए बादलों ने समिति प्रबंधक की चिंता बढ़ा दी है। प्रबंधक का कहना है कि अभी तक वह करीब 12 ट्रक उपज खरीद चुके हैं, जिसमें छह ट्रक उपज का परिवहन नहीं हुआ है। ऐसे में यदि बारिश होती है, तो बहुत ज्यादा नुकसान हो जाएगा। साथ ही तौल करने में भी परेशानी हो रही है। इसी तरह बिहरना वेयरहाउस मेें बने केन्द्रों पर चना, मसूर तो सीधे वेयरहाउस में जमा होने लगा है, लेकिन फिर भी हजारों बोरियां बाहर रखी हैं। वहीं, गेहूं का परिवहन होकर एफसीआई की गोदामों में जमा होना है। परिवहन न होने से तौल करने भी पर्याप्त जगहनहीं बची है। बीना इटावा समिति जिस गोदाम पर खरीदी कर रही है वहां बोरियां ज्यादा एकत्रित हो जाने से दूसरी जगह खरीदी शुरू करनी पड़ रही है। साथ ही पूर्व में हुई बारिश से कुछ गेहूं की बोरियां भीगने से खराब हुईं थी और यदि अब फिर से बारिश हुई, तो ज्यादा नुकसान हो जाएगा।

बारदाना फिर हुआ खत्म
चना, मसूर का बारदाना गुरुवार शाम को फिर खत्म होने से तौल बंद हो गई है। यदि आज बारदाना नहीं आया, तो तौल शुरू नहीं हो पाएगी। जबकि किसान तौल के इंतजार में केन्द्रों पर बैठे हुए हैं। कई किसान ऐसे हैं, जो चार-चार दिन से तौल का इंतजार कर रहे हैं। जब से तौल शुरू हुई तभी से पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं हो पाया है। दो या तीन दिन तौल चलती है और बारदाने के कारण फिर बंद हो जाती है।

जिम्मेदार अधिकारी नहीं उठा रहे फोन
परिवहन के संबंध में जब जिला विपणन अधिकारी रोहित बघेल से संपर्क करना चाहा, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं और किसान परेशान हो रहे हैं।

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