अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। इस कार्यशाला में महिलाओं को मोटे अनाजों पर आधारित मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के खाद्य एवं पोषण विभाग द्वारा ‘मोटे अनाज पर आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण’ परियोजना के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका वित्तपोषण उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार), लखनऊ द्वारा किया गया है। कार्यक्रम की आयोजक डॉ. साधना और डॉ. अनीशा वर्मा हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को मोटे अनाजों से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने की जानकारी दी गई। उन्हें विशेष रूप से मिलेट पास्ता बनाने की विधि, इसके पोषण संबंधी महत्व और इससे जुड़े स्वरोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया गया।
महिलाओं को मिलेट पास्ता बनाने की व्यावहारिक प्रक्रिया भी सिखाई गई, ताकि वे भविष्य में इसे आय के स्रोत के रूप में अपना सकें। इस कार्यक्रम में कुल 36 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता प्रतिभा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर जीवी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीत कुमार, कार्यक्रम अन्वेषक प्रोफेसर शिवनाथ सिंह, उपनिदेशक अनुसंधान डॉ. गिरीश गोयल और अन्वेषक डॉ. साधना सिंह सहित सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनीशा वर्मा ने किया।
सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह ने बताया कि महाविद्यालय द्वारा महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर के कार्यों के साथ-साथ मोटे अनाजों से उत्पाद बनाकर उनकी बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं, क्योंकि आजकल मोटे अनाजों की मांग बढ़ रही है और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के अच्छे अवसर हैं।


