Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुराने शहर के बाजारों को प्रशासन ने हेरिटेज मार्केट का नाम तो दे दिया,लेकिन आगजनी से बचाव को लेकर अधूरी सुरक्षा पहल कर मामले को एक दशक से ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। पहले फेस में चौक, इब्राहिमपुरा, लखेरापुरा, लोहा बाजार, चिंतामन चौक क्षेत्र में आगजनी से बचाव के लिए करीब एक दर्जन स्थाई हाइडेंट 2016 में लगाए थे, पूरी लाइन डालने के बाद भी इन्हे शुरू नहीं किया। इसके शुरू होने आगजनी होने पर पानी के लिए फायर ब्रिगेड के दमकलों का इंतजार नहीं करना पड़ता। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था दूसरे फेस में अन्य बाजारों में होना थी, अगर यह व्यवस्था हो जाएं तो हादसे के दौरान आर्थिक नुकसान को कॉफी हद तक रोका जा सकता है।
गलियों में बाजार अधिक
सराफा की लालवानी गली में ही बड़ा मार्केट बना हुआ है, जिसमें ऑटो भी प्रवेश नहीं कर सकता है। मार्केट के ऊपर लोग रहते भी है और ज्वेलरी बनाने वाले की दुकानें भी हैं। हादसा होने पर स्थाई फायर सिस्टम होना जरुरी है। – राकेश सोनी, सराफा व्यापारी,लालवानी गली
स्थाई समाधान ही विकल्प
शहर का सबसे पुराना बाजार सिटी में होने के कारण आज के हिसाब से सडक़े और मकान उस दौर के बने हुए हैं, जिनमें परिवर्तन नहीं हो सकता है। स्थाई सुरक्षा इंतजाम बाजार के अंदर होना चाहिए। -सत्यानारायण बागंड़, थोक व्यापारी, हनुमानगंज
गोदामों का रिकार्ड होना चाहिए
व्यापारियों ने गलियों में मकानों को गोदाम बना रखे हंै, आगजनी की घटना होने से इनके पास रहने वालों के जान का खतरा रहता है। इसमें रखे ज्वलंत शील सामनों की जानकारी भी फायर ब्रिग्रेड के स्पॉट पर पता चलती है। -उमेश राव घोलप, रहवासी, काजीपुरा
हाइटेंड ही शुरू नहीं किए
चौक और इससे लगे बाजारों में आगजनी से बचाव के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तरह एक दर्जन लगाए स्थाई हाइडेंट ही शुरु नहीं किए गए। इमरजेंसी में व्यापारी ही इसका उपयोग कर सकते थे। – अभिषेक जैन, अध्यक्ष, चौक व्यापारी संघ
कॉम्प्लेक्स में सेफ्टी सिस्टम पर सख्ती हो
प्रशासन ने हाईराइज भवनों और अस्पतालों में फायर सिस्टम का नियम लागू किया है,लेकिन सिटी के बाजारों में लोगों ने घरों के व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बना रखा है। इनमें फायर सेफ्टी सिस्टम पर सख्ती होना चाहिए।-योगेश यादव, रहवासी, लखेरापुरा
अंडर ग्राउंड लाइन, सेफ्टी पर काम हो
तारों के जालों से शार्ट सर्किट होता है, बिजली की लाइन अंडर ग्राउंड होना चाहिए। फायर सेफ्टी के लिए चौक में लगे हाइटेंड को शुरू करने के साथ गलियों के बाजारों में इनका जाल बिजली से हादसे को कंट्रोल किया जा सकता है। -राकेश अग्रवाल, संयोजक, भोपाल व्यावसायी महासंघ


