IT Stocks News: भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार को सबसे ज्यादा तेजी आईटी शेयरों में देखी जा रही है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली है और यह 4 फीसदी से ज्यादा उछलकर 29,566 के स्तर पर पहुंच गयी है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इंडेक्स करीब 8 फीसदी चढ़ चुकी है। ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल है कि आखिर अचानक IT शेयरों में इतनी जान कहां से आ गई?
रुपया गिरने से उछल रहे शेयर
दरअसल, रुपये की कमजोरी ने IT कंपनियों के लिए माहौल थोड़ा बेहतर बना दिया है। भारतीय IT कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा डॉलर में आता है। ऐसे में जब डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर पड़ता है, तो कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद बनती है। यही वजह है कि निवेशकों ने IT शेयरों में फिर से खरीदारी शुरू कर दी है।
इन स्टॉक्स में आई तेजी
मंगलवार को निफ्टी आईटी के सभी शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। Coforge करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ सबसे बड़ा गेनर रहा। Infosys और LTIMindtree में 4 फीसदी से ज्यादा उछाल आया। वहीं, Tech Mahindra, Persistent, OFSS, HCL Technologies और TCS में 3 फीसदी या उससे ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। Wipro का शेयर भी करीब 2 फीसदी चढ़ा है।

IT सेक्टर में शुरू हुई वैल्यू बाइंग
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटी सेक्टर में अब वैल्यू बाइंग भी शुरू हो गई है। इस साल की शुरुआत में IT शेयरों में जमकर बिकवाली हुई थी। कई बड़े शेयर 20 फीसदी से ज्यादा टूट गए थे। ऐसे में अब निवेशकों को इन शेयरों में अच्छे स्तर नजर आने लगे हैं।
IT शेयरों में तेजी के 3 कारण
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के वीपी (रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट) महेश एम ओझा के मुताबिक आईटी सेक्टर में तेजी के पीछे तीन बड़े कारण हैं। पहला- रुपये में कमजोरी। दूसरा- एआई टेक्नोलॉजी की लागत अभी भी कई जगह इंसानी काम से ज्यादा है। तीसरा- बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर काफी गिर चुके हैं और अब उनके डिविडेंड यील्ड निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आईटी सेक्टर में और तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि, हाल की तेजी के बाद कुछ समय के लिए मुनाफावसूली या ठहराव देखने को मिल सकता है।

Livelong Wealth के संस्थापक और सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के मुताबिक निवेशकों की सोच अब धीरे-धीरे बदल रही है। पहले IT सेक्टर को सिर्फ ग्रोथ सेक्टर माना जाता था, लेकिन अब कमजोर रुपये और स्थिर एक्सपोर्ट कमाई के कारण इसे एक तरह का डिफेंसिव सेक्टर भी माना जाने लगा है।
IT सेक्टर के लिए ये हैं चुनौतियां
हालांकि, तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एआई को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। ओपनएआई और Anthropic जैसे प्लेटफॉर्म तेजी से नए एआई टूल लॉन्च कर रहे हैं। इससे निवेशकों को डर है कि आने वाले समय में पारंपरिक आईटी सर्विसेज का कारोबार प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि बाजार अभी भी आईटी सेक्टर को लेकर पूरी तरह बेफिक्र नहीं हुआ है। साल 2026 में IT सेक्टर मार्केट के सबसे कमजोर सेक्टर्स में शामिल रहा है। इस साल अब तक कई IT शेयरों में 22 फीसदी से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। मार्च तिमाही के नतीजों ने भी निवेशकों को खास उत्साहित नहीं किया। कई कंपनियां ग्रोथ अनुमान से पीछे रहीं और नए वित्त वर्ष के लिए दिए गए आउटलुक ने भी निराश किया है।
उम्मीद से कमजोर रही कमाई
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक ज्यादातर IT कंपनियों की कमाई उम्मीद से कमजोर रही। साथ ही कंपनियों ने जो गाइडेंस दिया, वह भी बाजार की उम्मीद से कम था। ब्रोकरेज का कहना है कि AI के चलते प्राइसिंग पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट तनाव, वैश्विक आर्थिक दबाव और क्लाइंट खर्च में सुस्ती जैसी चुनौतियां भी सेक्टर पर असर डाल रही हैं। अगर बड़ी कंपनियों की बात करें तो मार्च तिमाही में TCS ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और उसकी आय तिमाही आधार पर 1.2 फीसदी बढ़ी। Tech Mahindra में 0.6 फीसदी की बढ़त रही। वहीं Infosys, HCL Technologies और Wipro की आय में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, मिड-साइज IT कंपनियों का प्रदर्शन बड़ी कंपनियों से बेहतर रहा।
फिलहाल शेयर बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि रुपया आगे कितना कमजोर होता है और अमेरिकी बाजार में टेक खर्च की स्थिति कैसी रहती है। अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और कंपनियों की कमाई सुधरती है, तो IT शेयरों में तेजी का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है।


