Tilak Varma on India Test Team: तिलक वर्मा ने दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद टेस्ट टीम में जगह बनाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट उनका पसंदीदा फॉर्मेट और ‘ए गेम’ है।
Tilak Varma on Test call-up: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा अब टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी जगह बनाने की तैयारी में हैं। इस संबंध में तिलक वर्मा ने कहा है कि रेड-बॉल क्रिकेट उनका पसंदीदा फॉर्मेट है और यही उनका ‘ए गेम’ भी है। दलीप ट्रॉफी 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन ने टेस्ट टीम में चयन के लिए उनका दावा और मजबूत किया है।
तिलक वर्मा ने मौजूदा दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन के लिए 116, 51 और 99 रन की शानदार पारियां खेली हैं। वह टूर्नामेंट में अब तक 266 रन बना चुके हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन 409 रन के साथ उनसे आगे हैं।
तिलक ने Cricinfo से बातचीत में कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट उनके लिए कोई नया फॉर्मेट नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि रेड-बॉल क्रिकेट मेरे लिए स्वाभाविक रूप से आता है। लेकिन मैंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत रेड-बॉल क्रिकेट से की थी। कई वर्षों तक रेड-बॉल से खेला है। पिछले कुछ सीजन में मैंने काफी व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेला है, लेकिन रेड-बॉल अभी भी मेरा पसंदीदा फॉर्मेट है। यही मेरा ए गेम है।’
शतक से एक रन दूर रह गए तिलक
दलीप ट्रॉफी फाइनल में तिलक वर्मा शतक से महज एक रन से चूक गए। उन्होंने साउथ जोन के लिए 211 गेंदों पर 99 रन की धैर्यपूर्ण पारी खेली। उनके अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 62 और चामा वी मिलिंद ने 43 रन बनाए। तिलक ने अपनी पारी को लेकर कहा कि उनके लिए यह महत्वपूर्ण थी, लेकिन उनका पूरा ध्यान टीम की जरूरत पर था। उन्होंने कहा कि वह मैच में अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय सेशन दर सेशन बल्लेबाजी करना चाहते थे।
ईस्ट जोन की मजबूत पकड़
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर बनाया था। इसके जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ईस्ट जोन ने पहली पारी के आधार पर372 रन की बड़ी बढ़त कायम कर ली।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में 212/5 रन बना लिए थे। उसकी कुल बढ़त अब 584 रन हो चुकी है। स्टंप्स के समय कुमार कुशाग्र 34 और एमडी कौनैन कुरैशी 26 रन बनाकर नाबाद थे।
तिलक वर्मा ने माना कि अगर साउथ जोन कुछ सेशन तक विकेट बचाकर लगातार साझेदारियां करता, तो टीम मैच को ड्रॉ की ओर ले जा सकती थी। हालांकि, विकेट गिरने के कारण मुकाबला ईस्ट जोन के पक्ष में चला गया। तिलक का मौजूदा दलीप ट्रॉफी प्रदर्शन उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के लिए मजबूत दावेदारों में शामिल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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