गयाजी में आनेवाली गर्मी की छुट्टियां और शादी-विवाह के सीजन के बीच रेल यात्रियों के टिकट के लिए इन दिनों मशक्कत करनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि राजधानी से लेकर मेल-एक्सप्रेस तक में सीटें फुल हैं। बुकिंग खुलते ही कुछ ही मिनटों में ट्रेनें हाउसफुल हो जा रही हैं। कंफर्म टिकट के लिए हर दिन आपाधापी मची है। तत्काल काउंटर पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। यहां से खुलने और गुजरने वाली लगभग सभी बड़ी ट्रेनों में भीड़ चरम पर है। महाबोधि एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, कालका मेल, हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, जलियांवाला बाग एक्सप्रेस, नेताजी और चंबल एक्सप्रेस- हर जगह टिकट का रोना की कहानी है। वेटिंग लिस्ट 100 के पार है। महीनों पहले टिकट कराने वाले यात्री भी कंफर्म सीट के लिए तरस रहे हैं। प्रीमियम ट्रेनों का हाल भी अलग नहीं है। तेजस राजधानी, कोलकाता राजधानी और रांची राजधानी जैसी ट्रेनों में भी नो रूम की स्थिति बनती जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग शुरू होते ही सीटें चंद मिनटों में खत्म हो जा रही है। कई यात्री बार-बार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। काउंटर पर लंबी कतारें लगती तत्काल टिकट के लिए सुबह-सुबह काउंटर पर लंबी कतारें लगती हैं। लेकिन सीटें इतनी कम कि अधिकांश यात्रियों को टिकट नहीं मिल रहा। ऑनलाइन तत्काल में भी वही हाल है। सिस्टम खुलते ही टिकट गायब हो जा रहे हैं। बता दें कि भीड़ को देखते हुए रेलवे ने गया होकर आठ समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। कुछ ट्रेनों का परिचालन शुरू भी हो चुका है। लेकिन यात्रियों की संख्या के सामने यह राहत नाकाफी साबित हो रही है। इसी बीच गया-आनंद विहार के बीच समर स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 04063) शुरू की गई है। यह ट्रेन गयाजी से सप्ताह में चार दिन- मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। वहीं आनंद विहार से वापसी में सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को सेवा देगी। इससे दिल्ली रूट पर कुछ राहत की उम्मीद जरूर जगी है। सीधी ट्रेनों की मांग तेज यात्रियों और संगठनों ने अब रेलवे पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। ग्रैंड कॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने बताया कि सिर्फ समर स्पेशल से काम नहीं चलेगा। गया से मुंबई, पुणे और जयपुर के लिए सीधी ट्रेनें चलानी होंगी। नहीं तो हर साल टिकट को लेकर यही संकट रहेगा। इसका फायदा निश्चित तौर प्राइवेट सेक्टर को होगा। प्राइवेट बस व टैक्सी रेल यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाएंगे। कंफर्म टिकट नहीं मिलने से कई लोग यात्रा टाल रहे हैं। कुछ लोग मजबूरी में सड़क मार्ग का सहारा ले रहे हैं, जहां किराया कई गुना ज्यादा है। गया से दिल्ली जाने वाली बसों का किराया भाड़ा स्लीपर के एसी 3 टायर से दुगना है। गयाजी में आनेवाली गर्मी की छुट्टियां और शादी-विवाह के सीजन के बीच रेल यात्रियों के टिकट के लिए इन दिनों मशक्कत करनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि राजधानी से लेकर मेल-एक्सप्रेस तक में सीटें फुल हैं। बुकिंग खुलते ही कुछ ही मिनटों में ट्रेनें हाउसफुल हो जा रही हैं। कंफर्म टिकट के लिए हर दिन आपाधापी मची है। तत्काल काउंटर पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। यहां से खुलने और गुजरने वाली लगभग सभी बड़ी ट्रेनों में भीड़ चरम पर है। महाबोधि एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, कालका मेल, हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, जलियांवाला बाग एक्सप्रेस, नेताजी और चंबल एक्सप्रेस- हर जगह टिकट का रोना की कहानी है। वेटिंग लिस्ट 100 के पार है। महीनों पहले टिकट कराने वाले यात्री भी कंफर्म सीट के लिए तरस रहे हैं। प्रीमियम ट्रेनों का हाल भी अलग नहीं है। तेजस राजधानी, कोलकाता राजधानी और रांची राजधानी जैसी ट्रेनों में भी नो रूम की स्थिति बनती जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग शुरू होते ही सीटें चंद मिनटों में खत्म हो जा रही है। कई यात्री बार-बार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। काउंटर पर लंबी कतारें लगती तत्काल टिकट के लिए सुबह-सुबह काउंटर पर लंबी कतारें लगती हैं। लेकिन सीटें इतनी कम कि अधिकांश यात्रियों को टिकट नहीं मिल रहा। ऑनलाइन तत्काल में भी वही हाल है। सिस्टम खुलते ही टिकट गायब हो जा रहे हैं। बता दें कि भीड़ को देखते हुए रेलवे ने गया होकर आठ समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। कुछ ट्रेनों का परिचालन शुरू भी हो चुका है। लेकिन यात्रियों की संख्या के सामने यह राहत नाकाफी साबित हो रही है। इसी बीच गया-आनंद विहार के बीच समर स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 04063) शुरू की गई है। यह ट्रेन गयाजी से सप्ताह में चार दिन- मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। वहीं आनंद विहार से वापसी में सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को सेवा देगी। इससे दिल्ली रूट पर कुछ राहत की उम्मीद जरूर जगी है। सीधी ट्रेनों की मांग तेज यात्रियों और संगठनों ने अब रेलवे पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। ग्रैंड कॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने बताया कि सिर्फ समर स्पेशल से काम नहीं चलेगा। गया से मुंबई, पुणे और जयपुर के लिए सीधी ट्रेनें चलानी होंगी। नहीं तो हर साल टिकट को लेकर यही संकट रहेगा। इसका फायदा निश्चित तौर प्राइवेट सेक्टर को होगा। प्राइवेट बस व टैक्सी रेल यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाएंगे। कंफर्म टिकट नहीं मिलने से कई लोग यात्रा टाल रहे हैं। कुछ लोग मजबूरी में सड़क मार्ग का सहारा ले रहे हैं, जहां किराया कई गुना ज्यादा है। गया से दिल्ली जाने वाली बसों का किराया भाड़ा स्लीपर के एसी 3 टायर से दुगना है।


