बदायूं। गंगा स्नान के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। गहरे पानी में डूबने से 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को गोताखोरों और स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे के बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई और परिवार में मातम छा गया। घटना के बाद आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में भी दहशत फैल गई।
कासगंज जिले के थाना कासगंज क्षेत्र के गांव बड़ेरिया निवासी संजू अपने परिवार के साथ बदायूं गंगा स्नान करने आए थे। शुक्रवार सुबह परिवार के सभी लोग श्रद्धा के साथ गंगा में स्नान कर रहे थे। घाट पर काफी भीड़ थी और श्रद्धालु पूजा-अर्चना में जुटे थे। इसी दौरान संजू की 14 वर्षीय पुत्री मुस्कान, आठ वर्षीय रितिक और ममता स्नान करते-करते अचानक गहरे पानी की तरफ चले गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक बच्चों को गहराई का अंदाजा नहीं लगा और कुछ ही सेकंड में तीनों डूबने लगे। बच्चों को पानी में डूबता देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और मदद के लिए दौड़ पड़े।
गोताखोरों ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद गोताखोर और स्थानीय लोग तुरंत गंगा में कूद पड़े। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने रितिक और ममता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि मुस्कान का काफी देर तक कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद गोताखोरों ने गहरे पानी में लगातार तलाश अभियान चलाया। करीब कुछ देर बाद मुस्कान का शव पानी से बाहर निकाला गया। किशोरी को बाहर निकालते ही परिवार के लोग बिलख पड़े। मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घाट का माहौल भी गमगीन हो गया।
घाटों पर सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद गंगा घाटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घाटों पर गहराई वाले हिस्सों में चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेराबंदी नहीं है, जिससे हर साल हादसे होते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर अतिरिक्त गोताखोर तैनात किए जाएं और खतरनाक जगहों को चिन्हित कर बैरिकेडिंग कराई जाए। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। वहीं प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गंगा स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतने और बच्चों को अकेले पानी में न जाने देने की अपील की है।


