Sanjay Manjrekar on Suryakumar Yadav: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टी20 वर्ल्ड कप में अपनी लय में नजर आ रहे हैं। वानखेड़े स्टेडियम में यूएसए के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रन की पारी हर तरह से एक कप्तान की पारी थी। भारत 77 रन पर 6 विकेट खो चुका था। सूर्यकुमार ने दबाव झेलते हुए दमदार वापसी कर शानदार खेल दिखाया। यह शायद टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे अच्छी पारी थी। लेकिन, उस पारी ने एक नई बहस भी छेड़ दी है। अहमदाबाद में सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय दिग्गज संजय मांजरेकर ने बीच के ओवरों में सूर्या की इस अप्रोच पर चिंता जताते हुए उसे बहुत खतरनाक टैक्टिक बताया है।
‘सूर्या में मुझे कुछ ऐसा दिख रहा है, जो मुझे ज्यादा पसंद नहीं’
मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए एक वीडियो में कहा कि सूर्या में मुझे कुछ ऐसा दिख रहा है, जो मुझे ज्यादा पसंद नहीं आ रहा है। वानखेड़े में यूएसए के खिलाफ भारत का स्कोर 77/6 था और सूर्या को अपना गेम बदलना पड़ा, जो उन्होंने शानदार तरीके से किया। बस थोड़ा धीमा किया और फिर जबरदस्त प्रदर्शन किया और शानदार स्कोर बनाया, प्लेयर ऑफ द मैच और सब कुछ। तब से, मुझे लगता है कि वह इसे थोड़ा ज्यादा कर रहे हैं।
मौजूदा वर्ल्ड कप में सूर्या का प्रदर्शन
बता दें कि सूर्या ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के चार मैचों में अब तक 164 रन बनाए हैं, जो भारतीय बल्लेबाज में ईशान किशन के बाद दूसरे नंबर पर हैं। लेकिन, उनका 136.13 का स्ट्राइक रेट किशन के 202.29 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से बहुत पीछे है। उन्होंने यूएसए के खिलाफ उन्होंने 49 गेंदों पर 84, नामीबिया के खिलाफ 13 गेंदों पर 12, पाकिस्तान के खिलाफ 29 गेंदों पर 32 और नीदरलैंड्स के खिलाफ 28 पर 34 रन की पारी खेली।
‘पंड्या, दुबे और रिंकू जैसे प्लेयर का उतना इस्तेमाल नहीं’
मांजरेकर की आलोचना सिर्फ एक पारी को लेकर नहीं है। उन्होंने एक ऐसा पैटर्न देखा है, जहां हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे पर रन रेट बेहतर करने का प्रेशर होता है। तिलक वर्मा का फ़ॉर्म भी उतना अच्छा नहीं रहा है। मांजरेकर ने कहा कि सूर्या और तिलक वर्मा दोनों थोड़ा कंजर्वेटिव तरीके से खेल रहे हैं और आखिर में वह पंड्या, दुबे और रिंकू जैसे प्लेयर का उतना इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। टी20 क्रिकेट में ऐसा करना खतरनाक होता है। जब किसी सीनियर खिलाड़ी या कप्तान को लगता है कि उसे टिके रहना है।
‘यह बहुत खतरनाक टैक्टिक’
मांजरेकर ने कहा कि जब आप 200 से ज्यादा रन का टारगेट सेट कर रहे हो, जीतने वाले स्कोर बना रहे हो, अगर टॉप चार में कोई ऐसा हो जो मानता हो कि उसे पारी को कंट्रोल करना है और यह पक्का करना है कि वही भारत को एक तय स्कोर तक ले जाएगा तो यह बहुत खतरनाक टैक्टिक है। यह देखते हुए कि आपके पास अक्षर पटेल जैसे शानदार खिलाड़ी हैं, नंबर आठ पर या वॉशिंगटन सुंदर, किसी भी बैटर को ऐसा नहीं सोचना चाहिए।
‘सूर्या को सावधान रहना होगा’
उन्होंने आगे कहा कि उसे बैट्समैन पर भरोसा करना चाहिए कि वे उसके बाद आएंगे और हर बॉल पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न देने की कोशिश करेंगे। जब आपकी बैटिंग में इतनी गहराई हो तो मुझे नहीं लगता कि किसी एक बैटर को यह सोचकर नहीं खेलना चाहिए कि उसे पारी को कंट्रोल करना है।
यही खतरा है कि आप पहले बैटिंग करेंगे और बोर्ड पर ज़्यादा रन नहीं लगा पाएंगे, क्योंकि आपने बहुत ज्यादा सावधानी से खेला है और आपके हाथ में विकेट हैं, लेकिन आपने अपने रिसोर्स का इस्तेमाल नहीं किया है और आपने एक मजबूत चेजिंग टीम के खिलाफ सिर्फ 180 रन बनाए हैं। इसलिए सूर्या को इस बारे में सावधान रहना होगा। बता दें कि इस वर्ल्ड कप में भारत का ओवरऑल स्ट्राइक रेट 148.75 है, जो न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से कम है।


