भारत-कनाडा के बीच हो सकता है ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’, पीएम मार्क कार्नी ने बताया ‘गेम चेंजर’

भारत-कनाडा के बीच हो सकता है ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’, पीएम मार्क कार्नी ने बताया ‘गेम चेंजर’

भारत (India) और कनाडा (Canada) के संबंधों में मार्क कार्नी (Mark Carney) के पीएम बनने के बाद से ही सुधार हुआ है। जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) के कार्यकाल के दौरान कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या के लिए भारत पर आरोप लगाया गया था जिसे भारत ने बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया था। इस मामले के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास पड़ गई थी, लेकिन अब स्थिति सुधर रही है। इसी बीच अब दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में अहम कदम उठाने की तैयारी है।

भारत-कनाडा के बीच हो सकता है ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’

भारत और कनाडा के बीच जल्द ही ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ हो सकता है। इस सिलसिले में हाल ही में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कनाडाई पीएम मार्क कार्नी से मुलाकात की। कनाडाई पीएम ने सोशल मीडिया पर गोयल के साथ मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, “हम भारत के साथ ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ पर बातचीत कर रहे हैं। यह कनाडा के कामगारों और व्यवसायों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा और एक बड़े नए बाज़ार के दरवाजे खोलेगा। हम इस दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं। इसी सिलसिले में मैंने मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की और अब तक की प्रगति की समीक्षा करने और ऊर्जा, कृषि-खाद्य, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के लिए आगे आने वाले अवसरों का पता लगाने के लिए बातचीत की।”

दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रियों में हुई चर्चा

गोयल ने भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू (Maninder Sidhu) के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और मज़बूत करने और इस समझौते पर आगे की बातचीत करने के लिए कनाडा का व्यापार प्रतिनिधिमंडल इसी साल भारत की यात्रा करेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीईपीए दो देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है, जिसमें माल, सेवाओं, निवेश, टैरिफ कम करना, व्यापार सुविधा और अन्य आर्थिक सहयोग शामिल होते हैं। इससे दो देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में मज़बूती आती है और फायदा दोनों देशों को मिलता है।

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