नागौर शहर के ऐतिहासिक गिनाणी तालाब की एक साल से टूटी दीवार को लेकर अब लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित शहरवासियों ने नगर परिषद और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपकर तालाब की सुरक्षा दीवार जल्द बनवाने की मांग की। लोगों का आरोप है कि बजट की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद भी नगर परिषद प्रशासन काम शुरू नहीं करवा रहा है, जिससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले में नागौर नगरपरिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविन्द सिंह भींचर ने बताया कि DMFT (आपदा प्रबंधन राहत कोष) से इस सड़क के लिए फंड जारी हो गया है और DLB से स्वीकृति के लिए गया हुआ है। आगामी एक दो दिन में इसका काम शुरू हो जाएगा। हादसे का डर वार्डवासियों ने बताया कि पिछले साल भारी बारिश के दौरान गिनाणी तालाब की दीवार ढह गई थी। इसके बाद नगर परिषद ने केवल लकड़ी की बल्लियां लगाकर इतिश्री कर ली, लेकिन आज तक स्थायी सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू नहीं कराया गया। तालाब के आसपास हर समय लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे हादसे का डर बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद भी काम फाइलों में अटका हुआ है। जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।


