ऐतिहासिक मेला नौचंदी के एक झूले (जीरो ग्रेविटी मिक्चर) से जुड़े सोशल मीडिया के वायरल वीडियो ने रविवार को खलबली मचा दी। आनन फानन में पुलिस प्रशासन मेला नौचंदी पहुंचा और छानबीन की। खुलासा हुआ कि यह वीडियो मेला नौचंदी का नहीं है। किसी शरारती तत्व ने इसे मेरठ का दर्शाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो फेक साबित होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। अब उस शख्स की तलाश की जा रही है, जिसके द्वारा यह वीडियो वायरल किया गया है। पहले एक नजर पूरे मामले पर
सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक पर रविवार को अचानक एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। यह वीडियो एक झूले का था, जिसमें हादसा होता दिखाई दे रहा था। दरअसल, लाइव एक्सीडेंट के नाम से इसे वायरल कर मेरठ में शुरु हुए मेला नौचंदी का बताया गया। कुछ ही घंटों में लाखों लोगों ने इस वीडियो को देखकर अपनी प्रतिक्रिया भी दे डाली। कोई इस पर बैन लगाने की बात बोल रहा था तो किसी ने प्रशासन पर ही सवाल उठा दिए। अब जानिए क्या है इस वीडियो में
सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो 44 सेकेंड का है। इसमें जीरो ग्रेविटी नाम के झूले में काफी लोग मौजूद हैं। अचानक इसका दरवाजा खुल जाता है। दरवाजा खुलते ही शोर शराब होने लगता है और खलबली मच जाती है। बाहर लगे खंभे से यह दरवाजा टकराता है तो लोग चिल्लाने लगते हैं। आनन फानन में झूला रुकवाया जाता है। हरकत में आया पुलिस प्रशासन
मामला मेला नौचंदी से जुड़ा था। ऐसे में वीडियो वायरल की भनक लगते ही पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया। मेला प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया, यह वीडियो मेला नौचंदी का नहीं है। रविवार को सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह भी जांच के लिए पहुंच गई और पूरी छानबीन के बाद उन्होंने भी मेला प्रभारी के दावे पर मोहर लगा दी कि यह वीडियो मेरठ का नहीं है। क्या है जीरो ग्रेविटी मिक्चर झूला
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो वाले इस झूले का असल में नाम जीरो ग्रेविटी मिक्चर है। इसकी शुरुआत ग्वालियर के मेले से हुई और अब यह मेला नौचंदी में लाया गया है। चाइनीज तकनीक पर यह आधारित है। इसके संचालक अनुज बंसल बताते हैं कि हवा के दबाव का यह पूरा खेल है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। वायरल वीडियो से यह झूला अलग
अनुज बंसल ने बताया कि वायरल वीडियो वाले झूले से यह एक दम अलग है। वीडियो वाले झूले का गेट बाहर की तरफ खुला है जबकि उनके झूले का गेट अंदर खुलता है। वायरल वीडियों में यह झूला फर्श जैसी सतह पर है जबकि यहां मिट्टी के मैदान पर लगा है। इसके चारों ओर जो परदा लगा है, उस पर पेंटिंग है जबकि उनके झूले में बाहर की तरफ कोई पेंटिंग नहीं है। वायरल वीडियो में दिख रहा झूला असल झूले की नकल है। वीडियो गढ़ का होने की चर्चा
दैनिक भास्कर की टीम इस वीडियो को लेकर मेला नौचंदी पहुंची। काफी लोगों से बात की लेकिन सभी ने इसके मेला नौचंदी का ना होने की पुष्टि की। कुछ ने तो बिना कैमरे पर आए यहां तक बोल दिया कि यह वीडियो पुराना है। हादसा गढ़ के मेले में हुआ था। सीओ बोलीं- वीडियो मेरठ का नहीं
सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो मेरठ के नौचंदी मेले का नहीं है। यहां जितने भी मेले लगाए गए हैं, सभी नियमों के अनुसार और पूर्णरूप से सुरक्षित हैं। वीडियो पूरी तरह भ्रामक है। इसे वायरल करने वाले की तलाश की जा रही है।


