पटना स्थित विकास भवन, नया सचिवालय में सोमवार को बिहार सरकार के खेल विभाग की महत्वपूर्ण बैठकों में श्रेयसी सिंह ने भाग लेकर विभागीय जिम्मेदारियों की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रन शंकरण सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मजबूत खेल नीति से ही बिहार का विकास बैठक में श्रेयसी सिंह ने बिहार में संचालित एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य की खेल नीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, एक मजबूत खेल नीति ही बिहार में खेलों के समग्र विकास की आधारशिला बनेगी, जिससे खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। “डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करना विभाग का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जिले में “डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में खेल अवसंरचना विकसित करने की जरूरत है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बिहार को खेल हब बनाने के लिए जिला स्तर पर मजबूत खेल संरचना तैयार करने पर जोर दिया। श्रेयसी सिंह ने विभागीय कार्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा अपने कार्यभार से दूर रहने के दौरान सामने आए मामलों की भी जानकारी ली। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप भविष्य की जरूरत उन्होंने खेल संस्कृति के विस्तार में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को भविष्य की आवश्यकता बताया और कहा कि इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे, ताकि इसे व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके। यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है। गौरतलब है कि श्रेयसी सिंह को बिहार सरकार में उद्योग विभाग की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटना स्थित विकास भवन, नया सचिवालय में सोमवार को बिहार सरकार के खेल विभाग की महत्वपूर्ण बैठकों में श्रेयसी सिंह ने भाग लेकर विभागीय जिम्मेदारियों की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रन शंकरण सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मजबूत खेल नीति से ही बिहार का विकास बैठक में श्रेयसी सिंह ने बिहार में संचालित एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य की खेल नीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, एक मजबूत खेल नीति ही बिहार में खेलों के समग्र विकास की आधारशिला बनेगी, जिससे खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। “डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करना विभाग का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जिले में “डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में खेल अवसंरचना विकसित करने की जरूरत है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बिहार को खेल हब बनाने के लिए जिला स्तर पर मजबूत खेल संरचना तैयार करने पर जोर दिया। श्रेयसी सिंह ने विभागीय कार्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा अपने कार्यभार से दूर रहने के दौरान सामने आए मामलों की भी जानकारी ली। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप भविष्य की जरूरत उन्होंने खेल संस्कृति के विस्तार में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को भविष्य की आवश्यकता बताया और कहा कि इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे, ताकि इसे व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके। यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है। गौरतलब है कि श्रेयसी सिंह को बिहार सरकार में उद्योग विभाग की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।


