उद्योग क्षेत्र में ग्रीन बफर जोन की दीवार तोड़ी, पेड़ काटकर नामोनिशान मिटाया

उद्योग क्षेत्र में ग्रीन बफर जोन की दीवार तोड़ी, पेड़ काटकर नामोनिशान मिटाया

भिवाड़ी. रीको उद्योग क्षेत्र में स्थिति लगातार खराब हो रही है। रीको ने हरियाली के लिए जो ग्रीन बफर जोन (ग्रीन बेल्ट) बनाया है, उसमें भी अब तोडफ़ोड़ और नष्ट करने की प्रक्रिया अवैध निर्माण करने वालों ने शुरू कर दी है लेकिन रीको अधिकारी सभी अवैध निर्माण को लेकर मौन साधकर बैठे हुए हैं। जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करते। रीको का कारोली औद्योगिक क्षेत्र में एसके ऑटो, सुधीर पावर कंपनी, एसबीएफ रैपिड इंडस्ट्रीज से आगे तिराहे होकर बूढ़ी बावल रोड तक 18 मीटर का रोड है। रोड के एक तरफ औद्योगिक क्षेत्र है, दूसरी तरफ नौ मीटर चौड़ा ग्रीन बफर जोन है। उक्त ग्रीन बफर जोन की रीको ने करोड़ों रुपए की लागत से चारदीवारी कराकर पौधारोपण कराया है लेकिन अब देखरेख नहीं की जा रही है। ग्रीन बफर जोन में किसी प्रकार का अतिक्रमण और कब्जे नहीं होने चाहिए लेकिन अब यहां पर ग्रीन बफर की तरफ खेत में निर्माण हो रहे हैं। ग्रीन बफर की चारीदीवारी को तोडक़र पेड़ों को काटकर स्थायी रास्ते निकाले जा रहे हैं। रीको अधिकारियों को अवैध निर्माण को रोकने के लिए फुर्सत नहीं मिल रही है। रीको मानचित्र स्वीकृति कराने और पर्यावरणीय स्वीकृति लेने के लिए ग्रीन बेल्ट बनाती है। उद्योग क्षेत्र के आसपास आवासीय क्षेत्र में प्रदूषण से बचाव हो सके, इसके लिए घना पौधारोपण किया जाता है जिससे कि आमजन को प्रदूषण से बचाया जा सके लेकिन यहां तो रीको अधिकारियों ने करोड़ों की लागत से चारीदीवारी बनाकर पौधे लगाकर पेड़ उगाए अब उनकी दीवार तोडक़र पेड़ों को काटा रहा है। उक्त ग्रीन बेल्ट का कई स्थल पर नामोनिशान मिटा दिया गया है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में अन्य स्थल पर भी इसी तरह से ग्रीन बफर जोन को समाप्त कर दिया जाएगा, रीको क्षेत्र में पेड़-पौधे हरियाली के लिए आरक्षित स्थल पर भी अवैध कब्जे हो जाएंगे।

उद्योग क्षेत्र का होगा नुकसान
उद्योग क्षेत्र में अच्छी सडक़ और सफाई के साथ हरियाली से अच्छा माहौल विकसित होता है। प्रदूषण कम फैलता है। नए निवेशकों के निरीक्षण के समय हरियाली से अच्छा महसूस होता है। रीको भी करोड़ों रुपए कीमत की जमीन सिर्फ हरियाली के लिए छोड़ती है। हरियाली विकसित करने के लिए भी करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद उक्त स्थल का उपयोग हरियाली के लिए नहीं होकर अन्य काम में होगा तो इससे रीको को कई स्तर पर नुकसान झेलना पड़ेगा। निवेशक निराश होंगे। करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जे हो जाएंगे। रीको उद्योग क्षेत्र के आसपास अनियोजित निर्माण हो जाएंगे, जिसका सभी प्रकार से भार उद्योग क्षेत्र पर आएगा। पेड़-पौधे लगाने के लिए जगह नहीं बचेगी।

ग्रीन बेल्ट में कहां पर दीवार तोड़ी गई है और पेड़ काटे गए हैं, इसको दिखवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अखिल अग्रवाल, यूनिट हेड, रीको

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