वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में सोमवार को एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में गोमती ज़ोन की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार करते हुए गायब नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दरअसल, बड़ागांव क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली और सत्ताधारी दल के नेता की 16 वर्षीय बेटी सोमवार सुबह करीब 8 बजे हरहुआ चौराहे पर गई थी। जहाँ से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि हरहुआ डीह निवासी 21 वर्षीय वारिस हाशमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है। जब पीड़ित परिवार इस बारे में पूछताछ करने आरोपी के घर पहुंचा, तो वहां मौजूद परिजनों ने सहयोग करने के बजाय गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें भगा दिया। इस घटना के बाद इलाके में काफी तनाव फैल गया था और बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने हरहुआ पुलिस चौकी का घेराव भी किया था। अधिकारियों से शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
मामले की संवेदनशीलता और दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण स्थानीय नेताओं द्वारा पुलिस के उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद DCP गोमती ज़ोन के निर्देश पर बड़ागांव थाना पुलिस और हरहुआ चौकी प्रभारी विवेकानंद द्विवेदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने मुखबिरों और सर्विलांस की मदद से मंगलवार को आरोपी वारिस हाशमी को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से अपहृत किशोरी को बरामद कर लिया। बड़ागांव पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वह इस बारे में बड़ागांव थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। हमारी प्राथमिकता बच्ची की सकुशल बरामदगी थी, जिसमें पुलिस टीम सफल रही।


