पोकरण क्षेत्र के रामदेवरा गांव में स्थित रामसरोवर तालाब में डूबने से हुई बालक की मौत के मामले में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब परिजनों ने आरोप लगाया कि मोर्चरी के डीप फ्रीज से शव गायब है। करीब दो-तीन घंटे तक परिजन परेशान होते रहे। जिसके बाद यहां तैनात किया गया पुलिसकर्मी पहुंचा और डीप फ्रीज में रखे शव की पहचान करवाई तो मामले का पटाक्षेप हो गया एवं सभी ने राहत की सांस ली। गौरतलब है कि शनिवार को रामदेवरा के रामसरोवर तालाब में फलोदी निवासी महेन्द्र (15) की डूबने से मौत हो गई थी। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लिया और पोकरण के राजकीय जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया। मृतक की मां व कुछ परिजनों के सामने ही यहां मोर्चरी के डीप फ्रीज में शव को रखा गया था। अन्य परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपुर्द किया जाना था।
सुबह पहुंचे परिजन, शव फूलने से नहीं हो पाई पहचान
घटना के बाद रविवार को सुबह अन्य परिजन भी पोकरण पहुंच गए। परिजनों ने डीप फ्रीज देखा तो उसमें एक शव पड़ा था, लेकिन उसका शरीर फूला हुआ था और बदबू आ रही थी। परिजनों को आशंका हुई कि यह शव तो किसी बड़े का है, उनके बच्चे का नहीं है। जिसके बाद परिजनों ने शव के कहीं गायब होने का आरोप लगाया और हंगामा करने लगे। उन्होंने इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन व पुलिस को दी। इस दौरान सोशल मीडिया पर भी शव के मोर्चरी से गायब होने की अफवाह फैल गई। जिससे लोगों की भीड़ लग गई और सनसनी फैल गई।
हाथ पर बने निशान से करवाई पहचान
शव नहीं मिलने की आशंका से परिजनों में हड़कंप मच गया। उनकी ओर से पुलिस व अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया गया। सूचना पर रामदेवरा थाने के सहायक उपनिरीक्षक रोहित पालीवाल और कांस्टेबल भी यहां पहुंचे। कांस्टेबल ने डीप फ्रीज खोला और शव को बाहर निकालकर परिजनों को दिखाया। इसके बाद हाथ पर बने टैटू से उसकी पहचान की गई कि यह शव मृतक महेन्द्र का ही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
डीप फ्रीज में ही खराब हो गया शव
पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्चरी की डीप फ्रीज में रखवाया गया, लेकिन डीप फ्रीज में तकनीकी खराबी के कारण कूलिंग नहीं हो रही थी। ऐसे में शव भीषण गर्मी में पूरी तरह से फूल गया। साथ ही दुर्गंध भी आने लगी। शव के फूल जाने और खराब हो जाने के कारण उसकी पहचान मुश्किल हो गई और हंगामे की स्थिति बन गई। मृतक के हाथ पर बने टैटू से उसकी पहचान हो सकी।


