दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा गांव में आज विवादित जमीन पर अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। करीब 2 घंटे भर तक चले समझाने-बुझाने और कागजातों की प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासन ने मृतका का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति दी। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। 6 घंटे बाद अंतिम संस्कार हो सका। भरवाड़ा गांव निवासी अनंत साह की पत्नी रीता देवी (55) का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार की तैयारी गांव स्थित एक जमीन पर की जा रही थी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कौशल किशोर यादव ने उक्त जमीन को अपनी पैतृक संपत्ति बताते हुए वहां दाह संस्कार करने पर रोक लगा दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जमीन को लेकर पहले से ही शत्रुघ्न साह और भगेंद्र यादव के बीच विवाद चल रहा था। इसी बीच रीता देवी के अंतिम संस्कार के लिए तीसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे, तो विवाद और गहरा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष, अंचलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। “1949 में जमीन बेची गई थी, बाद में दुबारा खरीदी गई” एक पक्ष के विनय कुमार साह ने बताया कि उनके दादाजी ने साल 1949 में रामेश्वर यादव के हाथ जमीन बेची थी। बाद में 1953 में रामेश्वर यादव की मृत्यु के बाद लक्ष्मी यादव से उनके दादाजी ने दोबारा जमीन खरीद ली थी। उन्होंने दावा किया कि उनके पास साल 1972 का खतियान, साल 2010 का केवाला, मूल जमाबंदी, ऑनलाइन और ऑफलाइन रसीद सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का वर्षों से जमीन पर कब्जा रहा है और परिवार के कई लोगों का अंतिम संस्कार भी इसी स्थान पर किया जाता रहा है। “फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम करवाई गई” दूसरे पक्ष के कौशल किशोर यादव ने दावा किया कि सर्वे के दौरान उन्हें पुराने दस्तावेज मिले, जिनके अनुसार करीब दो बीघा 17 धूर जमीन उनके दादा रामेश्वर यादव के नाम 1953 में रजिस्ट्री की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में फर्जी तरीके से जमीन दोबारा दूसरे पक्ष के नाम करवा ली गई। कौशल किशोर यादव ने कहा कि जिस समय कथित रूप से जमीन की दोबारा खरीद-बिक्री हुई, उस समय उनके दादा की उम्र मात्र 11 साल थी। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने अपने जमीन पर अंतिम संस्कार करने से रोका था। हालांकि प्रशासन के निर्देश पर फिलहाल अंतिम संस्कार होने दिया गया है। 40 साल से इसी जमीन पर परिवार का कब्जा- मुख्य पार्षद स्थानीय मुख्य पार्षद सुनील भारती ने बताया कि वे पिछले लगभग 40 साल से देख रहे हैं कि अनंत साह के परिवार का जमीन पर कब्जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार के कई लोगों का अंतिम संस्कार पूर्व में भी उसी स्थान पर किया गया है। रीता देवी के अंतिम संस्कार के दौरान विवाद होने पर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। प्रशासन ने कराया समझौता, जनता दरबार में होगी सुनवाई अंचलाधिकारी नेहा कुमारी ने बताया कि थाना अध्यक्ष से सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि जमीन का विवाद पुराना है, हालांकि हाल के दिनों में खरीद-बिक्री को लेकर भी विवाद सामने आया है। चूंकि मृतका के परिवार के अन्य सदस्यों का अंतिम संस्कार पूर्व में भी वहीं होता रहा है, इसलिए मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को शनिवार को थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार में अपने-अपने दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है, जहां मामले की सुनवाई कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। स्थिति नियंत्रण में, पुलिस तैनात- थानाध्यक्ष सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी कि एक पक्ष अंतिम संस्कार करने पहुंचा है, जबकि दूसरा पक्ष जमीन को अपनी बताते हुए आपत्ति कर रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस और अंचल प्रशासन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिन लोगों का जमीन पर कब्जा है, उन्हें अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई है। अंतिम संस्कार पूरा होने तक मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस विवाद को लेकर पहले भी आवेदन आया था, लेकिन दोनों पक्षों के उपस्थित नहीं होने के कारण समाधान नहीं हो पाया था। दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा गांव में आज विवादित जमीन पर अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। करीब 2 घंटे भर तक चले समझाने-बुझाने और कागजातों की प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासन ने मृतका का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति दी। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। 6 घंटे बाद अंतिम संस्कार हो सका। भरवाड़ा गांव निवासी अनंत साह की पत्नी रीता देवी (55) का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार की तैयारी गांव स्थित एक जमीन पर की जा रही थी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कौशल किशोर यादव ने उक्त जमीन को अपनी पैतृक संपत्ति बताते हुए वहां दाह संस्कार करने पर रोक लगा दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जमीन को लेकर पहले से ही शत्रुघ्न साह और भगेंद्र यादव के बीच विवाद चल रहा था। इसी बीच रीता देवी के अंतिम संस्कार के लिए तीसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे, तो विवाद और गहरा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष, अंचलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। “1949 में जमीन बेची गई थी, बाद में दुबारा खरीदी गई” एक पक्ष के विनय कुमार साह ने बताया कि उनके दादाजी ने साल 1949 में रामेश्वर यादव के हाथ जमीन बेची थी। बाद में 1953 में रामेश्वर यादव की मृत्यु के बाद लक्ष्मी यादव से उनके दादाजी ने दोबारा जमीन खरीद ली थी। उन्होंने दावा किया कि उनके पास साल 1972 का खतियान, साल 2010 का केवाला, मूल जमाबंदी, ऑनलाइन और ऑफलाइन रसीद सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का वर्षों से जमीन पर कब्जा रहा है और परिवार के कई लोगों का अंतिम संस्कार भी इसी स्थान पर किया जाता रहा है। “फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम करवाई गई” दूसरे पक्ष के कौशल किशोर यादव ने दावा किया कि सर्वे के दौरान उन्हें पुराने दस्तावेज मिले, जिनके अनुसार करीब दो बीघा 17 धूर जमीन उनके दादा रामेश्वर यादव के नाम 1953 में रजिस्ट्री की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में फर्जी तरीके से जमीन दोबारा दूसरे पक्ष के नाम करवा ली गई। कौशल किशोर यादव ने कहा कि जिस समय कथित रूप से जमीन की दोबारा खरीद-बिक्री हुई, उस समय उनके दादा की उम्र मात्र 11 साल थी। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने अपने जमीन पर अंतिम संस्कार करने से रोका था। हालांकि प्रशासन के निर्देश पर फिलहाल अंतिम संस्कार होने दिया गया है। 40 साल से इसी जमीन पर परिवार का कब्जा- मुख्य पार्षद स्थानीय मुख्य पार्षद सुनील भारती ने बताया कि वे पिछले लगभग 40 साल से देख रहे हैं कि अनंत साह के परिवार का जमीन पर कब्जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार के कई लोगों का अंतिम संस्कार पूर्व में भी उसी स्थान पर किया गया है। रीता देवी के अंतिम संस्कार के दौरान विवाद होने पर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। प्रशासन ने कराया समझौता, जनता दरबार में होगी सुनवाई अंचलाधिकारी नेहा कुमारी ने बताया कि थाना अध्यक्ष से सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि जमीन का विवाद पुराना है, हालांकि हाल के दिनों में खरीद-बिक्री को लेकर भी विवाद सामने आया है। चूंकि मृतका के परिवार के अन्य सदस्यों का अंतिम संस्कार पूर्व में भी वहीं होता रहा है, इसलिए मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को शनिवार को थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार में अपने-अपने दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है, जहां मामले की सुनवाई कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। स्थिति नियंत्रण में, पुलिस तैनात- थानाध्यक्ष सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी कि एक पक्ष अंतिम संस्कार करने पहुंचा है, जबकि दूसरा पक्ष जमीन को अपनी बताते हुए आपत्ति कर रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस और अंचल प्रशासन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिन लोगों का जमीन पर कब्जा है, उन्हें अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई है। अंतिम संस्कार पूरा होने तक मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस विवाद को लेकर पहले भी आवेदन आया था, लेकिन दोनों पक्षों के उपस्थित नहीं होने के कारण समाधान नहीं हो पाया था।


