Ahmedabad: अरवल्ली जिले के मोडासा क्षेत्र की 13 वर्षीय किशोरी को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने नया जीवन दिया। दरअसल, यह किशोरी गलती से सेफ्टी पिन निगल गई थी जो श्वास नली में जाकर फंस गई। बताया गया कि पहले मुंह में यह पिन दबा ली थी और खांसी आने पर यह श्वासनली में चली गई थी।
सांस लेने में हुई कठिनाई के चलते परिजनों ने पहले मोडासा और फिर हिम्मतनगर अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर उसे अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर किया गया। जहां ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने मात्र दो मिनट में ब्रॉन्कोस्कोपी के माध्यम से पिन निकालकर बच्ची को नया जीवन दिया।फेफड़ों के बेहद पास पहुंच गई थी पिनसिविल अस्पताल के ईएनटी विभाग के प्रोफेसर डॉ. कल्पेश पटेल और उनकी टीम ने एक्स-रे रिपोर्ट में देखा कि नुकीली पिन फेफड़ों के बेहद पास श्वास नली में फंसी हुई है। एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. भावना रावल और पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नलिन शाह के सहयोग से ब्रॉन्कोस्कोपी की गई। अत्यंत सावधानी से मात्र दो मिनट में पिन बाहर निकाल ली गई। पिन निकलते ही बच्ची की सांसें सामान्य हुईं और परिवार ने राहत की सांस ली।
पिन निगलने के हर वर्ष 10 से 12 मामले
डॉ. पटेल ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं है। हर साल सिविल अस्पताल में 10 से 12 ऐसे मामले आते हैं, जिनमें मरीज गलती से पिन या इसी तरह की वस्तु निगल लेते हैं। यह आदत बेहद खतरनाक है और जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी लोग अक्सर सुई-पिन मुंह में दबाने की गलती करते हैं, जो खांसी या छींक के दौरान श्वासनली में जा सकती है। बच्चों की बात की जाए ते इस तरह के मामले काफी बढ़ जाते हैं। बच्चों को सिक्के, बटन, पिन जैसी छोटी वस्तुओं से दूर रखना चाहिए। साथ ही मूंगफली, काजू या चने जैसी चीजें खाते समय भी सावधानी बरतनी जरूरी है।


