Ahmedabad: स्थानीय निकाय चुनावों से पहले गुजरात की राजनीति में दलबदल का दौर तेज हो गया है। खेड़ा जिले की मातर विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक केसरीसिंह सोलंकी ने मंगलवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने शहर के पालडी स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उनके समर्थकों की भी अच्छी-खासी मौजूदगी रही।सोलंकी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे 2014 के उपचुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर मातर से विधायक बने और 2017 में दोबारा जीत दर्ज की। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी का रुख किया, लेकिन कुछ समय बाद फिर भाजपा में लौट आए।
उन पर जुलाई 2020 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार भरतसिंह सोलंकी के पक्ष में कथित क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा, जिसके चलते उनका टिकट रद्द कर दिया गया। बाद में जुलाई 2025 में खेड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था।
विवादों में घिरे रहे हैं सोलंकी
सोलंकी विवादों में भी घिरे रहे हैं। मई 2022 में पंचमहाल जिले में कथित तौर पर जुआ खेलते पकड़े जाने के मामले में हालोल की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। इसके अलावा भी उन पर कई आरोप लगते रहे हैं।


