Team India के मुख्य कोच पर Gary Kirsten का बड़ा बयान, कहा- Gautam Gambhir के नतीजे उनकी क्षमता का सबूत हैं

Team India के मुख्य कोच पर Gary Kirsten का बड़ा बयान, कहा- Gautam Gambhir के नतीजे उनकी क्षमता का सबूत हैं
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर इन दिनों आलोचनाओं के बीच हैं, लेकिन श्रीलंका के मौजूदा कोच गैरी कर्स्टन ने उनके समर्थन में खुलकर बात की है। भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला से पहले कर्स्टन ने गंभीर की कोचिंग क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके अब तक के नतीजे खुद उनकी काबिलियत की गवाही देते हैं।
गैरी कर्स्टन ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गौतम गंभीर शानदार कोच हैं और उन्हें बड़ी सफलताएं मिली हैं। उन्होंने 2026 का टी20 विश्व कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का जिक्र करते हुए कहा कि गंभीर का रिकॉर्ड अपने आप में बहुत कुछ कहता है। उन्होंने यह भी याद किया कि जब गंभीर भारतीय टीम में खिलाड़ी थे, तब उनके साथ काम करना उन्हें काफी पसंद था।
बता दें कि कर्स्टन 2008 से 2011 तक भारतीय टीम के मुख्य कोच रहे थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2011 का एकदिवसीय विश्व कप जीता था। गंभीर उस समय भारतीय टीम के अहम बल्लेबाजों में शामिल थे और उन्होंने फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ शानदार 97 रन की पारी खेली थी। यही वजह है कि दोनों के बीच पुराना पेशेवर रिश्ता भी रहा है।
कर्स्टन ने कहा कि गंभीर समझदार क्रिकेटर रहे हैं और उन्हें पहले से भरोसा था कि वह कोच के रूप में भी सफलता हासिल करेंगे। उन्होंने भारतीय टीम के साथ अपने तीन साल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय टीम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और खिलाड़ियों ने उन्हें अपनी टीम का हिस्सा मानकर काम करने का मौका दिया था। श्रीलंका की जिम्मेदारी संभालने के बाद वह उसी गंभीरता के साथ काम कर रहे हैं।
भारत की मौजूदा मुश्किलों की बात करें तो हाल के मुकाबलों में टीम को अच्छी स्पिन गेंदबाजी के सामने संघर्ष करना पड़ा है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या श्रीलंका इस कमजोरी को निशाना बनाएगा। हालांकि कर्स्टन ने इस बारे में कोई सीधी रणनीति बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका केवल स्पिन पर निर्भर नहीं रहेगा और तेज गेंदबाजों तथा स्पिनरों को अपनी-अपनी क्षमता के मुताबिक गेंदबाजी करनी होगी।
कर्स्टन ने कहा कि उनकी टीम ने भारत की तैयारी को लेकर अपना काम किया है और कुछ ऐसे क्षेत्र भी पहचाने हैं जहां फायदा उठाया जा सकता है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में हर सत्र के साथ परिस्थितियां बदलती हैं और उसी हिसाब से रणनीति भी बदलनी पड़ती है। उन्होंने भारतीय टीम की बल्लेबाजी पर टिप्पणी करने से भी बचते हुए कहा कि भारत के पास अच्छी टीम और काफी गहराई है, इसलिए श्रीलंका का ध्यान अपनी तैयारी और अपनी मजबूती पर रहेगा।
श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या को लेकर भी कर्स्टन ने किसी एक खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने की बात खारिज की। जयसूर्या को गॉल में शानदार प्रदर्शन के कारण ‘गॉल का राजा’ कहा जाता है। उन्होंने 23 टेस्ट में 125 विकेट लिए हैं, जिनमें 81 विकेट गॉल में आए हैं। कर्स्टन ने उन्हें विश्वस्तरीय गेंदबाज बताया, लेकिन कहा कि श्रीलंका की गेंदबाजी योजना किसी एक खिलाड़ी के इर्द-गिर्द नहीं बनाई जाती है।
गौरतलब है कि कर्स्टन खुद टेस्ट क्रिकेट के बड़े समर्थक रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के लिए उन्होंने 101 टेस्ट खेले हैं। 58 वर्षीय कर्स्टन का मानना है कि हर प्रमुख क्रिकेट देश को साल में कम से कम 10 टेस्ट खेलने चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम में इसके सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन ज्यादा टेस्ट खेलना इस प्रारूप के लिए अच्छा है।
कर्स्टन ने श्रीलंका क्रिकेट के उस फैसले का भी स्वागत किया है, जिसके तहत भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली श्रृंखला में दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जा रहा है। उनका कहना है कि खाली स्टेडियम की तुलना में दर्शकों से भरा मैदान क्रिकेट के अनुभव को बेहतर बनाता है। उनके मुताबिक, दर्शकों की मौजूदगी खिलाड़ियों और पूरे खेल के माहौल के लिए अच्छी बात है।
ऐसे समय में जब भारत के प्रदर्शन और गौतम गंभीर की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, गैरी कर्स्टन का यह समर्थन भारतीय मुख्य कोच के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है। अब सबकी नजर मैदान पर होगी, जहां भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबले में दोनों टीमों की रणनीति और खिलाड़ियों का प्रदर्शन असली तस्वीर सामने रखेगा।

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