Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री विजय को बहुमत साबित करना है। विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं, लेकिन पूर्ण बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई। इसके बाद कांग्रेस समेत अन्य दलों के सहयोग से विजय ने बहुमत का आँकड़ा पार किया है।
क्या है समीकरण
बता दें कि तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है। विधानसभा चुनाव में विजय ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें से उन्होंने तिरुचिरापल्ली ईस्ट से इस्तीफा दे दिया है, जिससे प्रभावी संख्या 233 रह गई है। इसके अलावा स्पीकर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते है, इसलिए फ्लोर टेस्ट के लिए प्रभावी संख्या 232 हो गई और बहुमत का आंकड़ा 117 पहुंच गया।
विजय ने 10 मई को ली सीएम पद की शपथ
शुरुआत में राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया, क्योंकि TVK के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था। इसके बाद विजय ने DMK गठबंधन के छोटे दलों का समर्थन जुटाया। कांग्रेस के 5 विधायकों ने सशर्त समर्थन दिया, जबकि VCK, CPI, CPI(M) और IUML के दो-दो विधायकों ने बिना शर्त समर्थन का ऐलान किया। इसके बाद विजय ने समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा और 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
फिलहाल TVK के पास 106 विधायक हैं। कांग्रेस के 5 और VCK, CPI, CPI(M), और IUML के कुल 8 विधायकों के समर्थन से यह संख्या 119 तक पहुंच गई। लेकिन इसी बीच एक झटका लगा। मद्रास हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री के. आर. पेरियाकरुप्पन की याचिका पर सुनवाई करते हुए TVK विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेने से रोक दिया। इसके बाद विजय सरकार का प्रभावी समर्थन घटकर 118 रह गया।
AIADMK के एक गुट ने समर्थन की कही बात
इसके बावजूद विजय सरकार सुरक्षित नजर आ रही है। AIADMK के सी. वी. षणमुगम गुट ने भी फ्लोर टेस्ट में विजय का समर्थन करने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि AIADMK के 47 में से 31 विधायक इस गुट के साथ हैं। चूंकि यह संख्या दो-तिहाई के करीब है, इसलिए दलबदल विरोधी कानून लागू होने की संभावना कम मानी जा रही है। इन 31 विधायकों के समर्थन से विजय के पक्ष में संख्या बढ़कर 149 हो गई।
इसके अलावा AMMK के विधायक कामराज ने भी विजय सरकार को समर्थन दे दिया है। स्पीकर चुनाव के दौरान समर्थन देने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था; उनके जुड़ने से विजय के समर्थन का आंकड़ा 150 तक पहुंच गया है। संख्या बल को देखते हुए साफ है कि विजय सरकार फ्लोर टेस्ट जीत जाएगी।
विजय के सामने क्या होगी चुनौती?
विधानसभा में विजय के पास संख्या बल भले ही ज्यादा हो, लेकिन असली चुनौती अगले कुछ महीने में होगी। कांग्रेस, VCK, CPI, CPI(M) और IUML जैसे छोटे सहयोगी दल BJP के खिलाफ मजबूत रुख रखते हैं। ऐसे में अगर TVK सरकार किसी मुद्दे पर BJP समर्थक रुख अपनाती है या सहयोगी दलों के खिलाफ कोई फैसला लेती है, तो ये पार्टियां समर्थन वापस ले सकती हैं।


