Suvendu Adhikari Convoy: मध्यमग्राम में एक बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का काफिला रोककर वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने उसकी बात सुनकर पेंशन दिलाने की व्यवस्था के निर्देश दिए और महिला ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम पहुंचे तो एक बुजुर्ग महिला ने उनका काफिला रोक लिया। 68 साल की स्वप्ना दास ने मुख्यमंत्री से कहा कि उसे बुढ़ापे की पेंशन नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने उसकी बात सुनी और मौके पर मौजूद पार्टी के जिला अध्यक्ष को उसके सभी दस्तावेज अपने कार्यालय भेजने के निर्देश दिए। कार्यक्रम से लौटते समय मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही जेसोर रोड पहुंचा, सड़क किनारे भीड़ में खड़ी स्वप्ना दास आगे बढ़ने लगी। महिला की आवाज सुनकर मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई और खिड़की का शीशा नीचे किया।
सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने महिला से कहा कि मां, बताओ क्या कहना है। इस पर स्वप्ना ने कहा कि उसे अन्नपूर्णा योजना का पैसा नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने उसे समझाया कि उसे अन्नपूर्णा योजना नहीं, बल्कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सहायता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि उसकी पेंशन की व्यवस्था कराई जाएगी। मुख्यमंत्री की बात सुनते ही स्वप्ना ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। उसने कहा कि मुझे पैसा नहीं मिलता, लेकिन आपको पा लिया बाबा। मेरा मन भर आया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पास खड़े बरासात संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष राजीव पोद्दार से स्वप्ना दास के वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े सभी दस्तावेज मंगाकर उनके कार्यालय भेजने को कहा।
पति छोड़ गया, बेटा बीमार और बेरोजगार
स्वप्ना दास मध्यमग्राम नगरपालिका के वार्ड आठ में श्रीनगर बाजार के पास किराए के एक कमरे के मकान में रहती हैं। करीब 12 साल पहले उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए थे। उनका 31 साल का इकलौता बेटा शुभजीत दास है। उसने एमए तक पढ़ाई की है, लेकिन अब तक नौकरी नहीं मिली। परिवार की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। शुभजीत इस समय गंभीर रूप से बीमार है और पूरी तरह बिस्तर पर है। एक रिश्तेदार की आर्थिक मदद से मां-बेटे का किसी तरह गुजारा चल रहा है।
कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंचीं
स्वप्ना को उम्मीद थी कि वृद्धावस्था पेंशन मिलने से परिवार की आर्थिक परेशानी कुछ कम हो जाएगी। उन्होंने पेंशन के लिए नगरपालिका में कई बार आवेदन किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मंगलवार को उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री मध्यमग्राम आ रहे हैं। इसके बाद वह कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंच गईं और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी परेशानी बताने का इंतजार करने लगीं। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, क्योंकि उनके पास कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र नहीं था।
मुख्यमंत्री ने रुकवाई गाड़ी
इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला जब वहां से निकलने लगा तो स्वप्ना भीड़ से हाथ उठाकर आगे बढ़ीं। उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंची और उन्होंने गाड़ी रुकवा दी। मुख्यमंत्री से मदद का भरोसा मिलने के बाद स्वप्ना के चेहरे पर राहत नजर आई। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की बात बताई है। मुख्यमंत्री ने व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दे सकीं, यह उनके लिए भावुक पल था और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री आगे भी अच्छा काम करेंगे।

