DOB में फेरबदल कर दो पासपोर्ट बनवाए:प्रयागराज में वेरिफिकेशन में मामला पकड़े जाने पर FIR, पते में भी हेरफेर

DOB में फेरबदल कर दो पासपोर्ट बनवाए:प्रयागराज में वेरिफिकेशन में मामला पकड़े जाने पर FIR, पते में भी हेरफेर

प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के शाहा उर्फ पीपलगांव निवासी उमाशंकर गुप्ता के खिलाफ दो पासपोर्ट रखने और दोनों में अलग-अलग जन्मतिथि व पते का विवरण दर्ज कराने में एफआईआर दर्ज की गई है। पासपोर्ट सत्यापन के दौरान मामला सामने आया। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की जांच और निर्देश के बाद एयरपोर्ट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहचान संबंधी डिटेल में अंतर
पुलिस के अनुसार, उमाशंकर गुप्ता पुत्र गोपाल जी गुप्ता मूल रूप से बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र के मुड़ाडीह गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह शाहा उर्फ पीपलगांव, थाना एयरपोर्ट क्षेत्र में रह रहे हैं। पासपोर्ट सत्यापन से संबंधित पत्र मिलने के बाद पुलिस टीम ने मामले की जांच की।
जांच में सामने आया कि उमाशंकर गुप्ता के नाम से दो अलग-अलग पासपोर्ट जारी हुए हैं। इनमें पहचान से संबंधित विवरण में अंतर पाया गया है।
पहले पासपोर्ट में जन्मतिथि 18 मई 1983
एफआईआर के मुताबिक पासपोर्ट 19 जुलाई 2013 को जारी हुआ था। इसकी वैधता 18 जुलाई 2023 तक थी। इसमें नाम उमाशंकर गुप्ता, पिता का नाम गोपाल जी गुप्ता और माता का नाम सरोजा देवी दर्ज है। इस पासपोर्ट में जन्मतिथि 18 मई 1983 दर्ज की गई थी। इसमें दादरा एवं नगर हवेली का पता दर्ज था।
इसके बाद उमाशंकर गुप्ता के नाम से दूसरा पासपोर्ट 13 दिसंबर 2024 को जारी हुआ। इसकी वैधता 12 दिसंबर 2034 तक है। इस पासपोर्ट में भी नाम उमाशंकर गुप्ता, पिता का नाम गोपाल जी गुप्ता और माता का नाम सरोजा देवी दर्ज है, लेकिन जन्मतिथि 10 जुलाई 1998 दर्ज है। इसमें प्रयागराज के शाहा उर्फ पीपलगांव का पता दर्ज किया गया है।
दोनों पासपोर्ट में जन्मतिथि अलग
पुलिस की जांच में दोनों पासपोर्ट में जन्मतिथि का बड़ा अंतर सामने आया है। पहले पासपोर्ट में जन्मतिथि 18 मई 1983 है, जबकि दूसरे में 10 जुलाई 1998 दर्ज है। यानी दोनों दस्तावेजों में जन्मतिथि में करीब 15 साल का अंतर है। दोनों पासपोर्ट में पता भी अलग-अलग दर्ज है।
पुलिस का कहना है कि पासपोर्ट धारक ने अपना नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और निवास स्थान में परिवर्तन करते हुए नियम विरुद्ध तरीके से दो पासपोर्ट हासिल किए।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की जांच के बाद मुकदमा
एफआईआर के मुताबिक, मामले की जांच पहले संबंधित विभाग की ओर से भी की जा चुकी है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ के वरिष्ठ अधीक्षक (पॉलिसी) की ओर से दोनों पासपोर्ट से संबंधित आदेश 25 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। इसके बाद कमिश्नरेट प्रयागराज के पासपोर्ट सेल की ओर से एयरपोर्ट थाना पुलिस को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जांच के बाद दरोगा ने दी तहरीर
निर्देश मिलने के बाद थाना प्रभारी एयरपोर्ट ने मामले की जांच के लिए उपनिरीक्षक अरिहंत जैन को जिम्मेदारी दी। इसके बाद उपनिरीक्षक राहुल कुमार सिंह ने संबंधित अभिलेखों और पासपोर्ट विवरण की जांच की। जांच के आधार पर उमाशंकर गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई।
दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस
31 अगस्त को उपनिरीक्षक राहुल कुमार सिंह की तहरीर पर एयरपोर्ट थाने में उमाशंकर गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब दोनों पासपोर्ट के आवेदन पत्र, उनमें लगाए गए दस्तावेज, जन्मतिथि और पते से संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच करेगी।

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