मोतिहारी के मुफ़्फ़सिल थाना क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद छात्रों ने हंगामा किया। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज गेट पर बैठकर प्रिंसिपल को हटाने की मांग की। देर रात तक चले इस विरोध प्रदर्शन से कैंपस में तनाव का माहौल रहा। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने प्रिंसिपल पर बेवजह प्रताड़ित करने, छोटी बातों पर जुर्माना लगाने और समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। छात्रों ने कॉलेज परिसर में बाइक से आने-जाने की अनुमति न होने और हॉस्टल के खराब भोजन की शिकायत भी की। छात्रा की मौत के बाद ये सभी मुद्दे विरोध प्रदर्शन का कारण बने। छात्रों को शांत कराने पहुंची कई थाने की पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मुफ़्फ़सिल थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र शुरुआत में गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसमें पिपरा कोठी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह और छतौनी थाना की टीम भी शामिल थी। पुलिस के समझाने पर छात्रों को कॉलेज परिसर के अंदर लाया गया। वे मैदान में बैठकर प्रिंसिपल को बुलाने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे और छात्रों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी छात्र को निशाना नहीं बनाया जाएगा, कैंपस में वाहन से आने-जाने की अनुमति होगी और 24 घंटे एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रात 1 बजे तक चला प्रदर्शन प्रिंसिपल के आश्वासन के बाद छात्रों का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हुआ। रात करीब एक बजे छात्र अपने हॉस्टल कमरों में लौट गए। पुलिस की सूझबूझ और प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक बड़ी घटना टल गई। मोतिहारी के मुफ़्फ़सिल थाना क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद छात्रों ने हंगामा किया। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज गेट पर बैठकर प्रिंसिपल को हटाने की मांग की। देर रात तक चले इस विरोध प्रदर्शन से कैंपस में तनाव का माहौल रहा। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने प्रिंसिपल पर बेवजह प्रताड़ित करने, छोटी बातों पर जुर्माना लगाने और समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। छात्रों ने कॉलेज परिसर में बाइक से आने-जाने की अनुमति न होने और हॉस्टल के खराब भोजन की शिकायत भी की। छात्रा की मौत के बाद ये सभी मुद्दे विरोध प्रदर्शन का कारण बने। छात्रों को शांत कराने पहुंची कई थाने की पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मुफ़्फ़सिल थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र शुरुआत में गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसमें पिपरा कोठी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह और छतौनी थाना की टीम भी शामिल थी। पुलिस के समझाने पर छात्रों को कॉलेज परिसर के अंदर लाया गया। वे मैदान में बैठकर प्रिंसिपल को बुलाने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे और छात्रों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी छात्र को निशाना नहीं बनाया जाएगा, कैंपस में वाहन से आने-जाने की अनुमति होगी और 24 घंटे एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रात 1 बजे तक चला प्रदर्शन प्रिंसिपल के आश्वासन के बाद छात्रों का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हुआ। रात करीब एक बजे छात्र अपने हॉस्टल कमरों में लौट गए। पुलिस की सूझबूझ और प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक बड़ी घटना टल गई।


