सस्पेंड ASI सरोज ने पांच लाख में खरीदा था इंसास:हथियार पर सरकारी नंबर, 2019 में ईवीएम वेयरहाउस से हुई थी चोरी; घर से AK-47 भी मिला था

सस्पेंड ASI सरोज ने पांच लाख में खरीदा था इंसास:हथियार पर सरकारी नंबर, 2019 में ईवीएम वेयरहाउस से हुई थी चोरी; घर से AK-47 भी मिला था

समस्तीपुर के सुल्तानपुर गंगा दियारा में निलंबित एएसआई सरोज सिंह के घर से छापेमारी के दौरान बरामद इंसास राइफल पुलिस की है। साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान सासाराम के ईवीएम वेयरहाउस में चुनावी ड्यूटी में तैनात सिपाही मंटू कुमार की है। 15 अक्टूबर 2019 की रात चोरी हुई थी। इस संबंध में सासाराम नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। FIR में इंसास का सरकारी नंबर अंकित किया गया है। सरोज सिंह के घर से बरामद इंसास का नंबर भी वही है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि हथियार यहां तक कैसे पहुचा। नंबर मिलान के बाद इस मामले में पुलिस की टीम ने जेल में बंद निलंबित एएसआई से भी पूछताछ की है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सरोज ने इंसास को चार से पांच लाख में खरीदा था। पुलिस की वर्दी में हथियार लेकर सुल्तानपुर आ गया था। अंतिम चरण में पुलिस की जांच डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि सासाराम से चोरी इंसास राइफल ही सरोज सिंह के घर से मिला था। सासाराम और मोहिउद्ददीनगर थाने में दर्ज प्राथमिकी को मिलाया तो दोनों हथियार के नंबर सेम है। हथियार की कुल लंबाई 67 अंगुल, बट की लंबाई 22 अंगुल, बॉडी की लंबाई 11 अंगुल, बैरल की लंबाई 34 अंगुल है। वहीं, बॉडी पर 30- 06 स्पॉटिंग राइफल 166109096 RFII 20267- 17 और बैरल पर CE40/ 11697/Rf16 अंकित है। जो सासाराम में दर्ज प्राथमिकी में भी सेम है। इस मामले में अनुसंधान अंतिम चरण में है। जल्द ही कई अहम खुलासे होंगे। 15 अक्टूबर की रात हुई थी चोरी जांच के दौरान यह बात समने आई कि चोरी की घटना 15-16 अक्टूबर 2019 की रात की है। जब सासाराम शहर में ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा में तैनात सिपाही मंटू कुमार की राइफल चोरी हो गई थी। संतरी ड्यूटी के बाद मंटू कुमार अपने कमरे में हथियार रखकर सो गया था, उसी दौरान राइफल गायब कर दी गई। इस संबंध में सासाराम नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सीसीटीवी में एक नकाबपोश युवक हथियार ले जाता हुआ दिखा था। हालांकि चोर के बारे में अब तक पता नहीं चल सका। संभावना जताई जा रही है कि उसी चोर से सरोज सिंह ने इंसास राइफल खरीदी है। जेल में कई राउंड पूछताछ हुई, लेकिन सरोज सिंह ने अबतक उसका नाम नहीं बताया है। जानिए क्या है पूरा मामला जून 2025 में STF ने सरोज सिंह के घर पर रेड की। इस दौरान AK-47 राइफल, इंसास राइफल, रेगुलर राइफल और दो नाली बंदूक के साथ 145 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामद AK-47 और इंसास रेगुलर है। जिस पर एक कोड लिखा था। इसका इस्तेमाल पुलिस या पैरा मिलिट्री फोर्स करती है। जबकि कार्बाइन पर मेड इन चाइना लिखा था। इसके अलावा पटना में गर्दनीबाग की सरिता वाटिका के हाउस नंबर 4-B में उसके घर से 1 करोड़ 40 लाख रुपए कैश मिले थे। नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई थी। वर्चस्व के लिए अपने साथियों से हुई दुश्मनी सरोज को जानने वाले बताते हैं कि शुरुआत में प्रिंस मुखिया, नवीन सिंह और सरोज सिंह, तीनों एक साथ रहते थे। घर भी आसपास ही है। सरोज ने जब दियारा की जमीन पर कब्जा जमाने की सोची थी तब तीनों ने मिलकर बाहरी लोगों को वहां से खदेड़ा। बाद में सरोज की लालच बढ़ गई। वो चाहता था कि दियारा की पूरी जमीन पर उसका ही राज चले। वर्दी का पावर सरोज के पास अलग था। इसी कारण प्रिंस से उसकी दुश्मनी हो गई, दोनों के रास्ते अलग हो गए। जमीन पर कब्जाने पर सरोज पर केस भी हुआ। गंगा के रास्ते हथियार घर तक लाता था सरोज का घर गंगा नदी के पास ही। उसे हथियार लाना होता था तो वो नदी का रास्ता चुनता था। रात के अंधेरे में ही हथियार लाता था। उस वक्त पुलिस की पेट्रोलिंग नहीं रहती थी। हथियार लेकर गंगा नदी के रास्ते वो नाव से बाढ़-बख्तियारपुर गंगा पार करता था। चर्चा है कि बाहुबली से हथियारों का लेना-देना भी होता था। सरोज ने अपने चाचा और चचेरे भाइयों के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। खूब पैसे कमाए। दूसरी तरफ प्रिंस से दूरी भी बढ़ती गई। पुलिस रिकार्ड में 6 महीने से था फरार सरोज सोना के गहनों का भी शौकीन है। मोटी-मोटी चेन, हाथ में ब्रेसलेट, अंगुलियों में अंगूठी शौक से पहनता है। इस कारण लोग सरोज को गोल्ड मैन भी कहने लगे थे। पत्नी रीता सिंह को भी गहनों से लाद कर रखता था। हाल ही में नोटों की गड्डी के साथ सरोज का फोटो वायरल हुआ था। सरोज के पिता त्रिपुरारी सिंह समान्य किसान थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2008 बैंच का सरोज सिपाही है। जहानाबाद यातायात थाने में पद स्थापित था। गलत आचरण और प्रशासनिक अनुशासनहीनता के कारण निलंबित कर दिया गया था। विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। निलंबन अवधि के दौरान इसे जहानाबाद पुलिस मुख्यालय में रहना था, लेकिन यह जमीन धंधे में लिप्त रहने के कारण 6 महीने से विभागीय रिकॉर्ड में फरार था। समस्तीपुर के सुल्तानपुर गंगा दियारा में निलंबित एएसआई सरोज सिंह के घर से छापेमारी के दौरान बरामद इंसास राइफल पुलिस की है। साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान सासाराम के ईवीएम वेयरहाउस में चुनावी ड्यूटी में तैनात सिपाही मंटू कुमार की है। 15 अक्टूबर 2019 की रात चोरी हुई थी। इस संबंध में सासाराम नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। FIR में इंसास का सरकारी नंबर अंकित किया गया है। सरोज सिंह के घर से बरामद इंसास का नंबर भी वही है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि हथियार यहां तक कैसे पहुचा। नंबर मिलान के बाद इस मामले में पुलिस की टीम ने जेल में बंद निलंबित एएसआई से भी पूछताछ की है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सरोज ने इंसास को चार से पांच लाख में खरीदा था। पुलिस की वर्दी में हथियार लेकर सुल्तानपुर आ गया था। अंतिम चरण में पुलिस की जांच डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि सासाराम से चोरी इंसास राइफल ही सरोज सिंह के घर से मिला था। सासाराम और मोहिउद्ददीनगर थाने में दर्ज प्राथमिकी को मिलाया तो दोनों हथियार के नंबर सेम है। हथियार की कुल लंबाई 67 अंगुल, बट की लंबाई 22 अंगुल, बॉडी की लंबाई 11 अंगुल, बैरल की लंबाई 34 अंगुल है। वहीं, बॉडी पर 30- 06 स्पॉटिंग राइफल 166109096 RFII 20267- 17 और बैरल पर CE40/ 11697/Rf16 अंकित है। जो सासाराम में दर्ज प्राथमिकी में भी सेम है। इस मामले में अनुसंधान अंतिम चरण में है। जल्द ही कई अहम खुलासे होंगे। 15 अक्टूबर की रात हुई थी चोरी जांच के दौरान यह बात समने आई कि चोरी की घटना 15-16 अक्टूबर 2019 की रात की है। जब सासाराम शहर में ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा में तैनात सिपाही मंटू कुमार की राइफल चोरी हो गई थी। संतरी ड्यूटी के बाद मंटू कुमार अपने कमरे में हथियार रखकर सो गया था, उसी दौरान राइफल गायब कर दी गई। इस संबंध में सासाराम नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सीसीटीवी में एक नकाबपोश युवक हथियार ले जाता हुआ दिखा था। हालांकि चोर के बारे में अब तक पता नहीं चल सका। संभावना जताई जा रही है कि उसी चोर से सरोज सिंह ने इंसास राइफल खरीदी है। जेल में कई राउंड पूछताछ हुई, लेकिन सरोज सिंह ने अबतक उसका नाम नहीं बताया है। जानिए क्या है पूरा मामला जून 2025 में STF ने सरोज सिंह के घर पर रेड की। इस दौरान AK-47 राइफल, इंसास राइफल, रेगुलर राइफल और दो नाली बंदूक के साथ 145 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामद AK-47 और इंसास रेगुलर है। जिस पर एक कोड लिखा था। इसका इस्तेमाल पुलिस या पैरा मिलिट्री फोर्स करती है। जबकि कार्बाइन पर मेड इन चाइना लिखा था। इसके अलावा पटना में गर्दनीबाग की सरिता वाटिका के हाउस नंबर 4-B में उसके घर से 1 करोड़ 40 लाख रुपए कैश मिले थे। नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई थी। वर्चस्व के लिए अपने साथियों से हुई दुश्मनी सरोज को जानने वाले बताते हैं कि शुरुआत में प्रिंस मुखिया, नवीन सिंह और सरोज सिंह, तीनों एक साथ रहते थे। घर भी आसपास ही है। सरोज ने जब दियारा की जमीन पर कब्जा जमाने की सोची थी तब तीनों ने मिलकर बाहरी लोगों को वहां से खदेड़ा। बाद में सरोज की लालच बढ़ गई। वो चाहता था कि दियारा की पूरी जमीन पर उसका ही राज चले। वर्दी का पावर सरोज के पास अलग था। इसी कारण प्रिंस से उसकी दुश्मनी हो गई, दोनों के रास्ते अलग हो गए। जमीन पर कब्जाने पर सरोज पर केस भी हुआ। गंगा के रास्ते हथियार घर तक लाता था सरोज का घर गंगा नदी के पास ही। उसे हथियार लाना होता था तो वो नदी का रास्ता चुनता था। रात के अंधेरे में ही हथियार लाता था। उस वक्त पुलिस की पेट्रोलिंग नहीं रहती थी। हथियार लेकर गंगा नदी के रास्ते वो नाव से बाढ़-बख्तियारपुर गंगा पार करता था। चर्चा है कि बाहुबली से हथियारों का लेना-देना भी होता था। सरोज ने अपने चाचा और चचेरे भाइयों के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। खूब पैसे कमाए। दूसरी तरफ प्रिंस से दूरी भी बढ़ती गई। पुलिस रिकार्ड में 6 महीने से था फरार सरोज सोना के गहनों का भी शौकीन है। मोटी-मोटी चेन, हाथ में ब्रेसलेट, अंगुलियों में अंगूठी शौक से पहनता है। इस कारण लोग सरोज को गोल्ड मैन भी कहने लगे थे। पत्नी रीता सिंह को भी गहनों से लाद कर रखता था। हाल ही में नोटों की गड्डी के साथ सरोज का फोटो वायरल हुआ था। सरोज के पिता त्रिपुरारी सिंह समान्य किसान थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2008 बैंच का सरोज सिपाही है। जहानाबाद यातायात थाने में पद स्थापित था। गलत आचरण और प्रशासनिक अनुशासनहीनता के कारण निलंबित कर दिया गया था। विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। निलंबन अवधि के दौरान इसे जहानाबाद पुलिस मुख्यालय में रहना था, लेकिन यह जमीन धंधे में लिप्त रहने के कारण 6 महीने से विभागीय रिकॉर्ड में फरार था।  

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