अयोध्या जिले में मौसम में बदलाव और बढ़ती उमस भरी गर्मी के साथ ही सर्पदंश के मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में सर्पदंश के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम उपलब्ध कराया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज किया जा सके। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि पाण्डेय ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले अधिक सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले सभी सर्पदंश पीड़ित मरीजों का प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाता है और जरूरत पड़ने पर एंटी वेनम लगाया जाता है। वर्तमान समय में अस्पताल में एंटी वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है और चिकित्सकों की टीम भी पूरी तरह तैयार है। डॉ. पाण्डेय ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। अक्सर लोग समय बर्बाद कर देते हैं, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते सही उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि कुछ जहरीले सांपों का जहर शरीर में धीरे-धीरे असर करता है और एक-दो घंटे बाद अचानक तेजी से स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाना काफी आसान हो जाता है। डॉ.रवि पाण्डेय के अनुसार पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में करीब 500 लोगों को एंटी वेनम लगाया गया था। अधिकांश मरीज समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण स्वस्थ हो गए थे। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी है।


