पाकिस्तान (Pakistan) में आतंकवाद (Terrorism) पर लगाम लगाने की तमाम कोशिशें नाकाम हो रही हैं और आतंकी हमलों के मामलों में कोई कमी नहीं हो रही है। आए दिन ही देश में आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। पाकिस्तान में आतंकी हमलों से आम जनता ही नहीं, बल्कि सेना और पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) के टैंक (Tank) जिले में आतंकियों ने सेना की एक चौकी को निशाना बनाया।
27 की मौत
जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में एक बड़ा आत्मघाती आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने मांझी खेल (Manjhi Khel) चौकी पर आत्मघाती धमाका करते हुए 27 सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया। इनमें सैनिक, पुलिसकर्मी, गनमैन और वन विभाग के एक पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (Inter-Services Public Relations – ISPR) ने इसकी पुष्टि की। पहले मृतकों की संख्या 15 बताई जा रही थी, जो बढ़कर 16 हुई और अब यह आंकड़ा बढ़कर 27 हो गया है।
कई सैनिक हुए घायल
इस आत्मघाती आतंकी हमले में पाकिस्तानी सेना के कई आतंकी घायल भी हो गए। घायल सैनिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
कैसे दिया आतंकी साजिश को अंजाम?
आतंकियों ने पहले सेना की चौकी में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया। इससे जोरदार धमाका हुआ जिससे पूरी चौकी तबाह हो गई तबाह हो गया। इस आत्मघाती आतंकी हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी हुई। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और 12 आतंकियों को मार गिराया।
किसने किया हमला?
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान – टीटीपी (Tehrik-e-Taliban Pakistan – TTP) को इस हमले के पीछे बताया जा रहा है। हालांकि टीटीपी की तरफ से अब तक इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी काफी एक्टिव है और अक्सर ही इस तरह के आतंकी हमलों को अंजाम देता है। लंबे समय से पाकिस्तान ने आतंकवाद और आतंकियों को संरक्षण दिया है। दुनियाभर के आतंकियों के लिए पाकिस्तान हमेशा से ही सुरक्षित ठिकाना रहा है, लेकिन अब पाकिस्तान भी आतंकवाद के जाल में फंस चुका है।



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